- इंदाैर में सुबह धूप खिली, दोपहर होते-होते आसमान पर काले घने बादल छाने लगे, तेज हवाएं भी चलीं
- उज्जैन में बीते 24 घंटों के भीतर शहर में 13.6 मिमी और जिले में औसत 6 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई
दैनिक भास्कर
Jun 05, 2020, 08:19 PM IST
इंदौर/उज्जैन/शाजापुर. निसर्ग तूफान का असर शुक्रवार काे भी मालवा निमाड़ में देखने काे मिल रहा है। इंदाैर में सुबह धूप निकलने के बाद दाेपहर में फिर से काले घने बादल छा गए और शाम को बूंदाबांदी हुई। साथ ही तेज हवाएं भी चलीं। वहीं, शाजापुर में दोपहर अचानक तेज आंधी तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई। करीब 1 घंटे तक बारिश का दौर जारी रहा। इस कारण सड़कों ने नाले का रूप ले लिया। इसके बाद रिमझिम बारिश का दौर शुरू हुआ। तेज हवाओं के कारण जिला चिकित्सालय स्थित ट्रामा सेंटर में बना टीनशेड उड़ गया।
उज्जैन में भी बादलों की आवाजाही शुरू
उज्जैन में भी सुबह से ही बादल छाए हुए हैं और तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं। इसे पहले निसर्ग तूफान के असर से बुधवार-गुरुवार की रात 3 बजे शहर में बूंदाबांदी के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। सुबह 6 बजे तक रुक-रुककर हल्की और तेज बारिश होती रही। रातभर में 13 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं गुरुवार को दिन में भी 0.6 मिमी बारिश हुई। निसर्ग तूफान का असर कमजोर होने के बाद अगले दो-तीन दिनों तक बारिश की संभावना कम है। हालांकि मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी उज्जैन जिले में तेज हवा चलने और गरज चमक के साथ हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है। प्री मानसून की बात की जाए तो पिछले वर्ष भी 4 जून से ही प्री मानसून गतिविधियां शुरू हुई थी। इस बार भी इसी समय यह गतिविधि शुरू हुई है। बीते 24 घंटों के भीतर शहर में 13.6 मिमी और जिले में औसत 6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

शाजापुर में केंद्रों पर 6 लाख क्विंटल गेहूं अब भी खुले में पड़ा
मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी के बावजूद 15-20 दिन बाद भी 6 लाख क्विंटल अनाज खुले आसमान के नीचे ही पड़ा रहा और 115 करोड़ 50 लाख रुपए कीमत का गेहूं बारिश में भीग गया। गेहूं को बारिश में भीगने पर प्रशासन ने स्पष्ट रूप से खरीदी सोसायटी को ही दोषी माना है। प्रभारी कलेक्टर मंजूषा विक्रांत राय ने साफ कह दिया कि खरीदी करने वाली संस्था की जिम्मेदारी होती है कि वे अनाज को सुरक्षित रखें। पिछले 15 दिनों में उन्हें तीन से चार बाद पत्र जारी कर केंद्रों पर रखे गेहूं को बारिश से बचाने के लिए निर्देशित भी कर दिया गया। इसके बावजूद बारिश में गेहूं गीले हुए हैं। यदि यह गेहूं खराब होते हैं तो भरपाई संबंधित संस्था प्रबंधकों को ही करना पड़ेगी। हालांकि खरीदी से जुड़े अधिकारियों ने भीगे गेहूं के खराब नहीं होने की बात की है। उनका मानना है कि मौसम खुलते ही धूप और हवा लगने से गेहूं फिर ठीक हो जाएंगे।
दूसरे जिलों के गोदामों में भेजेंगे शाजापुर के गेहूं
जिले के अनाज भंडार भर जाने के बाद प्रशासन ने अन्य जिले में अनाज रखने के लिए जगह मांगी। इस पर प्रदेश स्तर के अधिकारियों ने मंडीदीप, होशंगाबाद, हरदा, खंडवा जिले के भंडारों में शाजापुर के गेहूं पहुंचाने की व्यवस्था जुटाई है। जगह मिलते ही खुले में पड़े अनाज का परिवहन भी शुरू करा दिया गया है। चारों जिले में मिलाकर जिले में खरीदे गए 67 हजार 500 टन गेहूं को रखा जाएगा।
अब तक 3 लाख 94 हजार टन की खरीदी
शाजापुर जिले में गुरुवार शाम तक 55 हजार 621 किसानों से 3 लाख 94 हजार 703 टन खरीदी हो चुकी है। गुरुवार दोपहर तक बारिश होने से इस दिन टोकन वाले किसानों के भी ज्यादा अनाज का तौल नहीं हो सका। दिनभर में सिर्फ 1727 टन तौल हो सका। खरीदी का आंकड़ा 4.20 लाख टन पहुंचने की संभावना है।
इसलिए आई परेशानी
जिलेभर के अनाज भंडार को मिलाकर यहां 3 लाख टन यानी 30 लाख क्विंटल अनाज रखने की क्षमता है। अब तक की खरीदी का आंकड़ा 1 लाख 34 हजार टन (13 लाख क्विंटल) ही था। इस बार बंपर पैदावार होने से आंकड़ा 3 लाख 94 हजार टन पर पहुंच गया। इधर कुल 3 लाख टन भंडारण क्षमता वाले गोदामों में इस बार ठूंस-ठूंसकर गेहूं की बाेरियां जमाई। ऐसा करने से 20 हजार टन गेहूं ज्यादा रख लिए। इसके बाद भी अफसरों के सारे प्रयास नाकाम साबित हुए।