Madhya Pradesh Coronavirus Lockdown 5.0 Unlock 1.0 News Update; Balaghat Migrant Labourer Family Travels 800 Km From Hyderabad | 8 दिन पहले साइकिल से तीन बच्चों और पत्नी को लेकर हैदराबाद से चला मजदूर; 800 किमी तय कर बालाघाट पहुंचा

Madhya Pradesh Coronavirus Lockdown 5.0 Unlock 1.0 News Update; Balaghat Migrant Labourer Family Travels 800 Km From Hyderabad | 8 दिन पहले साइकिल से तीन बच्चों और पत्नी को लेकर हैदराबाद से चला मजदूर; 800 किमी तय कर बालाघाट पहुंचा


  • बालाघाट के खुर्शीपार निवासी श्रमिक को घर पहुंचने के लिए अब भी करना होगा 40-50 किलोमीटर की यात्रा
  • मजदूर ने बताया कि ठेकेदार के यहां काम बंद हो गया तो बेरोजगार हो गए, भुखमरी की नौबत आई तो घर चल पड़े

दैनिक भास्कर

Jun 06, 2020, 08:04 PM IST

बालाघाट. कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन में फंसे मजदूरों की घर वापसी का सिलसिला अब भी जारी है। श्रमिक ट्रेनें शुरू होने से पहले अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए प्रवासी मजदूर अपने साधन और सुविधा के अनुसार धीरे-धीरे घर पहुंच रहे हैं। इन्हीं में से एक बालाघाट जिले के ग्राम खुर्शीपार के रहने वाले मजदूर बुधराम हैं, जो अपने तीन बच्चों और पत्नी को साइकिल पर बिठाकर बुलंद हौसले के साथ हैदराबाद से बालाघाट तक 800 किमी का सफर तय कर लिया। अब भी घर पहुंचने के लिए 40-50 किलोमीटर का सफर बाकी है। 

साइकिल पर सवार परिवार और गृहस्थी का सामान उसे तकलीफ तो देता रहा, लेकिन घर जाकर अपनों से मिलने की ललक ने उसे 800 किमी का सफर तय करा दिया। इस दौरान आने वाली तकलीफों को बयां करते हुए बुधराम ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से ठेकेदार ने काम बंद कर दिया तो हम भी बेरोजगार हो गए। जब पास बचे रुपए खत्म हो गए तो लोगों से मदद मांगी, कुछ मिला, लेकिन वह भी कितने दिन चलता। बच्चों की भूख बर्दाश्त नहीं हुई तो घर वापसी के लिए साइकिल से निकल पड़ा। कभी पैदल भी चला तो कभी सभी को बिठाकर साइकिल चलाता रहा। बुधराम कहते हैं कि अब फिर कभी कमाने खाने के लिए बाहर नहीं जाऊंगा।  

28 मई को हैदराबाद से निकला था बुधराम 

बुधराम 28 मई को हैदराबाद से बालाघाट के लिए निकला था। जहां काम करता था, वहां पर रोजी-रोटी बंद कर दी थी, कोई साधन नहीं था तो साइकिल पर ही बच्चों को लेकर घर जाने की ठानी। रास्ते में कभी ट्रक वालों ने भी लिफ्ट दे दी, लेकिन ज्यादातर रास्ता साइकिल से ही तय किया। अब अपने जिले की सीमा पर पहुंच गया है, लेकिन घर तक पहुंचने के लिए अब भी 40-50 किलोमीटर सफर बाकी है। बुधराम ने बताया परिवार के साथ हैदराबाद से 6 दिन पहले साइकिल से निकला था। जहां कहीं खाने को मिला खा लिया लेकिन अभी घर जाने के लिए 1 दिन का रास्ता बाकी है। 



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