MP : A hospital took an elder patient hostage for not paying the bill, CM said No one guilty will be spared | मध्य प्रदेश: बिल का भुगतान न करने पर अस्पताल ने बुजुर्ग को बनाया बंधक, सीएम ने कहा नहीं बख्शे जायेंगे दोषी | shajapur – News in Hindi

MP : A hospital took an elder patient hostage for not paying the bill, CM said No one guilty will be spared | मध्य प्रदेश: बिल का भुगतान न करने पर अस्पताल ने बुजुर्ग को बनाया बंधक, सीएम ने कहा नहीं बख्शे जायेंगे दोषी | shajapur – News in Hindi


शाजापुर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शाजापुर में एक निजी अस्पताल (Private Hospital) के मेडिकल बिल (Medical Bill) का भुगतान नहीं करने पर एक वृद्ध मरीज को कथित तौर पर बेड‘ से बांध दिया गया. इस मामले में राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने को कहा है. वहीं, इस बाबत अस्पताल का कहना है कि मरीज को बिल के भुगतान न करने के लिए बेड पर नहीं बांधा गया है.

मुख्यमंत्री ने किया ट्वीट ‘दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा’

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में मीडिया में आई खबरों के बाद ट्वीट किया है ‘शाजापुर के एक अस्पताल में वरिष्ठ नागरिक के साथ क्रूरतम व्यवहार का मामला संज्ञान में आया है. दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा, सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी’.

मीडिया में आई खबरों के अनुसार, अस्पताल ने अंतिम बिल का भुगतान नहीं करने पर राजगढ़ जिले के रणायन गांव के मरीज लक्ष्मी नारायण को घर नहीं ले जाने दिया और उन्हें बेड से बांध दिया.

एसडीएम करेंगे पूरे मामले की जांच
उन्हें 1 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया और 5 जून को अस्पताल से छुट्टी दी गई थी. वहीं, शाजापुर जिले के शनिवार को प्रभार लेने वाले नवनियुक्त कलेक्टर दिनेश जैन ने इस मामले में सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) एसएल सोलंकी को जांच के आदेश दिए हैं. इस बारे में जब सोलंकी से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट रविवार शाम तक कलेक्टर को सौंप दी जाएगी.

हॉस्पिटल ने बचाव में दिया तर्क
हालांकि, सिटी अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. वरुण बजाज ने कहा कि 65 वर्षीय एक मरीज को शुक्रवार को बिना किसी बकाये भुगतान के अस्पताल से छुट्टी देकर छोड़ दिया गया है. उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में इसकी उम्र 80 वर्ष बताई जा रही है. बजाज ने दावा किया है कि इस मरीज को पेट दर्द के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. उसकी आंतों में कुछ खराबी थी. ज्यादा उम्र होने के कारण हम उन्हें एनेस्थीसिया नहीं दे सकते थे. इंजेक्शन लगाते समय उनके हाथ-पैर हिलते थे. इसलिए इंजेक्शन एवं दवाई देने के लिए उनके हाथ उनकी बेटी सीमा बाई पकड़ लेती थी और पैर बांध दिए गए थे.

11,400 रुपए थे बकाया
उन्होंने कहा कि इस मरीज पर 11,400 रुपये बाकी थे. मरीज के साथ आई उनकी बेटी ने कहा कि मेरे पास और पैसे नहीं हैं, इसलिए उन्‍हें हॉस्पिटल से जाने देने से मना कर दिया था. बजाज ने बताया कि हमने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी थी. कोतवाली पुलिस आई और इस मरीज को बकाया पैसे देने को कहा. जब उसने बकाया पैसा नहीं दिया, तो हमने बिना बकाया पैसे लिये उसे छोड़ दिया और फिर वह अपनी बेटी के साथ घर चला गया.

कमलनाथ ने कहा- जनता की सुनने वाला कोई नहीं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट किया है कि प्रदेश के शाजापुर में एक अस्पताल में एक बुजुर्ग व्यक्ति से ऐसा अमानवीय, बर्बर व्यवहार. बेटी का आरोप है कि अस्पताल का बिल नहीं चुकाने पर पिता के हाथ-पैर रस्सियों से बांध बंधक बनाया. उन्होंने आगे लिखा है कि इस कोरोना वायरस की महामारी में प्रदेश के कई निजी अस्पतालों में अमानवीय व्यवहार, लूट-खसोट व उनकी मनमानी जारी है. जनता की कोई सुनने वाला नहीं है. सरकार इस घटना पर सख्त कदम उठाये, दोषियों पर कार्रवाई हो.

(भाषा इनपुट के साथ )





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