- सरकारी अनुदान प्राप्त जीएसआईटीएस बना रैंक हासिल करने वाला प्रदेश का पहला संस्थान
दैनिक भास्कर
Jun 11, 2020, 07:18 PM IST
इंदौर. मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा घोषित नेशनल इंस्टिट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क में आईआईएम इंदौर ने देशभर के संस्थानों में सातवां और आईआईटी इंदौर ने दसवां और स्थान हासिल किया है। आईआईटी ने पिछले साल के मुकाबले अपनी रैंक में सुधार किया है। आईआईटी पिछले साल देशभर में 13वें स्थान पर था, जबकि आईआईएम 5वें स्थान पर। वहीं, जारी सूची में एसजीएसआईटीएस इंदौर को 201 से 250 रैंक बैंड में रखा गया है।
आईआईटी से मिली जानकारी के अनुसार संस्थान पिछले तीन सालों से अपनी रैंक में लगातार सुधार करता आ रहा है। इस बार टीचिंग, लर्निंग एंड रिसोर्स, प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएशन आउटकम और आउटरीच सहित अन्य मापदंडों के आधार पर संस्थान को परखा गया।
संस्थान के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर नीलेश जैन के मुताबिक संस्थान एनआईआरएफ में पहले और दुनिया के श्रेष्ठ 100 शिक्षण संस्थानों में आने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। आईआईएम के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु राय ने कहा, संस्थान ने इस साल 40 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ अनुबंध किए हैं। छात्रों और शिक्षकों के एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए भी कई संस्थानों से एमओयू साइन किए गए हैं। एनआईआरएफ में मिला सातवां स्थान आईआईएम से जुड़े हर व्यक्ति के मेहनत का परिणाम है।
अनुदान प्राप्त पहला कॉलेज जिसने हासिल की रैंक
एसजीएसआईटीएस डायरेक्टर डॉ. राकेश सक्सेना ने बताया कि जारी देशभर की श्रेष्ठ संस्थाओं की सूची में वर्ष 2020 के लिए एसजीएसआईटीएस इंदौर को 201- 250 रैंक बैंड में रखा गया है। 1 से लेकर 200 तक की रैंक बैंड में मध्य प्रदेश से आईआईटी इंदौर, एमएएनआयटी भोपाल, आयआयटीएम जबलपुर एवं एमआईटीएम ग्वालियर को रखा गया है। ये चारों संस्थाएं डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त हैं।एसजीएसआईटीएस मध्य प्रदेश शासन का अनुदान प्राप्त संस्थान है तथा 201 से लेकर 250 के रैंक बैंड में मध्य प्रदेश से उपरोक्त चारों संस्थाओं को छोड़कर इकलौती संस्था है। निदेशक आरके सक्सेना ने बताया, पहला मौका है, जब प्रदेश के किसी भी अनुदान प्राप्त कॉलेज ने एनआईआरएफ में जगह बनाई हो। लगातार बेहतर परिणामों के कारण से संभव हुआ है। अगले साल हम टॉप 100 में आने के लिए प्रयास करेंगे।