English Cricketer Nick Compton revealed how Virat Kohli was upset with taunts about Ex-girlfriend in 2012 | इंग्लिश क्रिकेटर ने खोला राज, 2012 में एक्स गर्लफ्रेंड को लेकर हमारे तानों से परेशान थे विराट कोहली

English Cricketer Nick Compton revealed how Virat Kohli was upset with taunts about Ex-girlfriend in 2012 | इंग्लिश क्रिकेटर ने खोला राज, 2012 में एक्स गर्लफ्रेंड को लेकर हमारे तानों से परेशान थे विराट कोहली


नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) के करियर के शुरुआती दिनों में जिस एक टीम ने उन्हें सबसे ज्यादा परेशान किया  है, वो इंग्लैंड की क्रिकेट टीम थी. चाहे 2012 की घरेलू सीरीज रही हो या 2014 का इंग्लैंड दौरा, कोहली शायद ही इन दोनों को याद रखना चाहेंगे. अब एक इंग्लिश क्रिकेटर ने इस बात का खुलासा किया है कि 2012 के भारत दौरे पर उन लोगों ने टीम इंडिया के इस प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाज के विस्फोट को रोकने के लिए क्या रणनीति अपनाई थी. 

एक्स गर्लफ्रेंड से मिलने से नाखुश थे कोहली
इंग्लैंड के पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज निक कॉम्पटन (Nick Compton) ने एक क्रिकेट पोडकास्ट में बताया कि सीरीज से कुछ दिन पहले वे विराट की एक एक्स गर्लफ्रेंड से एक नाइट आउट के दौरान मिले थे और उससे बातचीत की थी. कॉम्पटन ने इस मुलाकात के बारे में कहा, उस शाम मैं केविन पीटरसन (Kevin Pieterson) और (Yuvraj Singh) के साथ था. हम सभी जहां मौजूद थे, वहीं वह (विराट की एक्स गर्लफ्रेंड) भी पहुंची थी. मैंने बस उससे कुछ बातें की थीं. कॉम्पटन ने कहा, मुझे लगता है कि इस बातचीत से विराट नाखुश थे. विराट उस समय टीम इंडिया के कप्तान नहीं थे बल्कि दिग्गज क्रिकेटरों की मौजूदगी में टीम में अपना स्थान पक्का करने में लगे हुए थे. कॉम्पटन ने कहा, जब मैं बल्लेबाजी के लिए गया तो कोहली ने अपनी एक्स गर्लफ्रेंड से मिलने की नाखुशी को लेकर मुझे “कुछ शब्द” कहे. कॉम्पटन ने कहा कि ये कोहली के पक्ष में नहीं गया, क्योंकि इसके बाद पूरी अंग्रेज टीम ने कोहली के खिलाफ उनकी एक्स गर्लफ्रेंड को लेकर ही स्लेजिंग चालू कर दी. जिससे कोहली का ध्यान भंग होने लगा और वो अपनी घरेलू पिचों पर भी पूरे रंग में बल्लेबाजी नहीं कर पाए.

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आखिरी टेस्ट में रंग में लौट पाए थे कोहली
निक कॉम्पटन ने कहा, यह उस समय बेहद मजाकिया था. मुझे लगता है कि सभी क्रिकेटरों ने इसे पकड़ लिया था. हम लगातार विराट को परेशान कर रहे थे, लेकिन वह एक वर्ल्ड क्लास परफॉर्मर है और आखिरी टेस्ट मैच में उसने एक शानदार शतक के साथ वापसी करते हुए इस बात को साबित भी कर दिया था. वहां से उसका करियर ऊपर ही ऊपर गया है. बता दें कि उस टेस्ट सीरीज में विराट कोहली ने चारों टेस्ट मैच खेले थे, लेकिन वे महज 188 रन ही बना सके थे. इसमें आखिरी टेस्ट में बनाए 103 रन भी शामिल थे. इस हिसाब से देखा जाए तो इंग्लिश क्रिकेटरों की रणनीति पूरी तरह सफल रही थी.

भारतीय दिग्गजों के मुरीद हो गए थे कॉम्पटन
इस सीरीज में इंग्लैंड की जीत के बावजूद भारतीय दिग्गज क्रिकेटरों के मुरीद हो गए थे कॉम्पटन. उस सीरीज में भारत की तरफ से सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar), महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni), विरेंदर सहवाग (Virender Sehwag), गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) जैसे दिग्गज खेल रहे थे. कॉम्पटन ने कहा, जब मैं पिच पर बल्लेबाजी के लिए आया और गार्ड लेने लगा तो एक बार को मैं सुन्न हो गया. मेरे चारों तरफ कितने  दिग्गज खडे़ थे. मैंने खुद को चुटकी काटी और देखा कि ये सपना तो नहीं है. मैं उन सभी के ऑटोग्राफ लेना चाहता था और उनसे हाथ मिलाना चाहता था. 

कॉम्पटन ने चालू किया था उस सीरीज से करियर, जीता था इंग्लैंड
2012-13 की उस सीरीज से कॉम्पटन ने अपना टेस्ट करियर चालू किया था. सीरीज में कॉम्पटन  ने 208 रन बनाए थे, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल  था. सीरीज को इंग्लैंड ने 2-1 से जीतकर भारतीय धरती पर अपना कई दशकों का हार का सफर खत्म किया था. एलेस्टेयर कुक (Alastair Cook) ने तीन शतक के साथ 562 रन और केविन पीटरसन ने 338  रन बनाकर इस जीत में अहम भूमिका निभाई थी. भारत के लिए चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) के लिए ये सीरीज यादगार रही थी. पुजारा 438 रन बनाकर दोनों टीमों के लिए दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे. इसमें नॉटआउट 206 रन की पारी भी थी, जो आज तक पुजारा का उच्चतम टेस्ट स्कोर है.

 





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