- भारत और चीन की सीमा पर झड़प में शहीद हुए भारतीय सेना के 20 जवानों में शामिल है मध्यप्रदेश का वीर सपूत दीपक
- शहीद के पार्थिक शरीर को लेह से दिल्ली होते हुए प्रयागराज से लाया जा रहा है घर तक, परिजनों समेत पूरे गांव को इंतजार
दैनिक भास्कर
Jun 18, 2020, 10:12 PM IST
भोपाल. लद्दाख के गालवन घाटी में चीन के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए मध्य प्रदेश के वीर सपूत दीपक का शव लेह से रवाना हो गया है। मध्य प्रदेश के रीवा के 21 साल के सपूत दीपक भी शहीद हो गए थे। आज उनकी पार्थिक देह रीवा पहुंचेगी। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जानकारी के अनुसार उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से प्रयागराज होते हुए लाया जा रहा है।
इससे पहले अधिकारियों ने मंगलवार देर रात दीपक सिंह के शहीद होने की सूचना पिता को फोन पर दी थी। दीपक 21 साल के थे। 8 महीने पहले ही शादी हुई थी। जवान बेटे की शहादत की खबर से घर से लेकर गांव और आसपास मातम छा गया। सेना ने उनके पार्थिव शरीर को लेह में रखा था।
एक करोड़ रुपए, पक्का मकान और एक आश्रित को नौकरी देगी सरकार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रीवा के जवान दीपक को श्रद्धांजलि दी है। साथ ही उनके परिवार को एक करोड रुपए की सम्मान निधि, पक्का मकान या प्लॉट तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।
सभी को बस अब इंतजार
अधिकारियों ने पिता गजराज सिंह को बताया कि दीपक के पार्थिव शरीर को लेह में रखा गया है। यहां से उसे उनके गांव फरेहदा ले जाया जाएगा। सभी बेटे के अंतिम दर्शन के लिए इंतजार कर रहे हैं। उनके अंतिम दर्शनों के बाद राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। दीपक अपने बड़े भाई प्रकाश सिंह से प्रेरित होकर सेना में आए थे। उनके बड़े भाई भी सेना में है और सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं।
मार्च में होली पर घर आया था
पिता ने कहा- दीपक की शादी नवंबर 2019 में हुई थी। अभी तो 8 महीने भी पूरे नहीं हुए हैं। वह अंतिम बार मार्च में होली मनाने घर आया था। लेकिन, किसी को क्या पता था कि अब दीपक शहीद होकर तिरंगे में लिपटकर घर वापस आएगा। दिल भारी है, लेकिन बेटे ने सिर सम्मान से ऊंचा कर दिया।