Mitchell Starc has provided video footage from the second Test against South Africa in 2018 to prove that he got injured and as a result, deserves an insurance payout | स्टार्क ने आईपीएल नहीं खेल पाने के कारण बीमा कंपनी से 11.5 करोड़ रु. हर्जाना मांगा, चोट साबित करने के लिए वीडियो सौंपा

Mitchell Starc has provided video footage from the second Test against South Africa in 2018 to prove that he got injured and as a result, deserves an insurance payout | स्टार्क ने आईपीएल नहीं खेल पाने के कारण बीमा कंपनी से 11.5 करोड़ रु. हर्जाना मांगा, चोट साबित करने के लिए वीडियो सौंपा


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एक महीने पहले

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ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने बीमा कंपनी के खिलाफ पिछले साल अप्रैल में मामला दर्ज कराया था। -फाइल

  • ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क को कोलकाता नाइडराइडर्स ने 2018 में 13.3 करोड़ में खरीदा था
  • स्टार्क को 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में चोट लगी थी, इसलिए वे आईपीएल नहीं खेले थे

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट की वीडियो फुटेज सौंपी है, ताकि यह साबित हो सके उन्हें खेलने के दौरान चोट लगी थी। ऐसे में वह आईपीएल में कोलकाता टीम की तरफ से नहीं खेल पाने के कारण 15 लाख डॉलर (11.5 करोड़ रुपए) की बीमा राशि के हकदार हैं।

स्टार्क को 2018 में कोलकाता नाइडराइडर्स ने करीब 13.3 करोड़ में खरीदा था। स्टार्क ने बीमा कंपनी के खिलाफ पिछले साल अप्रैल में मामला दर्ज कराया था।

बीमा कंपनी ने चोट के समय को लेकर सवाल उठाए

बीमा कंपनी के वकीलों ने कोर्ट में स्टार्क की चोट के समय को लेकर सवाल उठाए थे। दोनों पक्षों के बीच 25 और 26 मई को मध्यस्थता की कोशिशें नाकाम हो गईं थी, तब स्टार्क के मैनेजर एंड्रयू फ्रेजर ने फॉक्स स्पोर्ट्स का वीडियो फुटेज मुहैया कराया था, जिसमें यह तेज गेंदबाज दूसरे टेस्ट के दौरान गेंदबाजी करता नजर आ रहा था। इस मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। 

स्टार्क ने वकीलों ने कहा- बीमा कंपनी को पूरा समय मिला

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई में इसलिए देरी हो रही है क्योंकि बीमा कंपनी के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि उन्हें 10 मार्च के वीडियो फुटेज को चेक करने के लिए समय नहीं मिला। इसमें एक फुटेज 37 सेकेंड, जबकि दूसरा सात मिनट 25 सेकेंड का है। हालांकि, स्टार्क की कानूनी टीम ने कहा कि बीमा कंपनी के पास फुटेज की जांच और मांग करने के लिए 13 महीने का समय था। 

बीमा कंपनी के मुताबिक, स्टार्क को साबित करना होगा कि उन्हें तय समय पर एक ही जगह और अचानक चोट लगी। दोनों पक्षों ने कोर्ट में मेडिकल एक्सपर्ट की रिपोर्ट सौंपी है। स्टार्क का इलाज करने वाले ऑर्थोपेडिक सर्जन रसेल मिलर ने कहा कि स्टार्क की चोट गहरी थी। वहीं, बीमा कंपनी के डॉक्टर ने दलील दी कि 10 मार्च, 2018 को स्टार्क को चोट नहीं लगी थी।  

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