- मंगलवार रात 8 बजे शुरू हुई कार्रवाई बुधवार सुबह 6 बजे तक चली
दैनिक भास्कर
Jul 02, 2020, 04:30 AM IST
सागर. मंगलवार की रात जिले में अलग-अलग पांच स्थानों में कार्रवाई कर विशेष किशोर इकाई ने पांच बाल विवाह रोके हैं। कार्रवाई मंगलवार रात करीब 8 बजे शुरू हुई थी जो बुधवार सुबह 6 बजे तक चलती रही। टीम ने गढ़ाकोटा, कर्रापुर, बहरोल, बहेरिया और पंदरभटा गांव में बाल विवाह रोके। टीम में सतीश तिवारी, पीसी धाकड़, सोनम रजक, योगेश राठौर सहित संबंधित पुलिस थाने का स्टाफ शामिल था।
वरमाला के बाद पहुंची टीम रोका विवाह : गढ़ाकोटा से लौटते वक्त टीम को बहरोल में बाल विवाह होने की सूचना मिली। रात 1 बजे टीम जब विवाह स्थल पहुुंची तो वरमाला का कार्यक्रम हो चुका था। यहां बारात विदिशा जिले से आई थी। सात फेरों की तैयारी की जा रही थी। टीम ने परिवार के लोगों को समझाया तो वे बहस और विवाद करने पर आमादा हो गए। टीम ने दोनों पक्षों तथा रिश्तेदारों के खिलाफ केस दर्ज करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इससे घबराए दोनों पक्ष के लोग विवाह रोकने के लए तैयार हो गए।
वर पक्ष को समझाया तो खुद ही बारात वापस ले गए : बहरोल से लौटते वक्त टीम को कर्रापुर में बाल विवाह होने की सूचना मिली। सुबह करीब 4 बजे टीम कर्रापुर पहुंची। यहां शादी लगभग हो चुकी थी। बारात जबलपुर से आई थी। दूल्हे के साथ 15 वर्षीय दुल्हन सात फेरे ले रही थी। टीम से लोग कहने लगे कि अब तो शादी हो गई है। टीम ने कहा कि यह शादी नहीं बाल विवाह है और कानूनन अपराध है। तब उन्होंने कहा कि आधे से ज्यादा शादी हो चुकी है। अब कैसे रोकें। टीम ने चेतावनी दी कि यदि शादी नहीं रोकी तो दूल्हे सहित सभी पर केस दर्ज कर जेल भेज देंगे। वर पक्ष को समझाया तो वह स्वयं ही बारात वापस लेकर चले गए।
2 बच्चों के पिता से कर रहे थे 13 साल की बेटी की शादी
इकाई की ज्योति तिवारी ने बताया कि मंगलवार रात करीब 8 बजे गढ़ाकोटा में 13 वर्षीय बालिका का विवाह रचाए जाने की सूचना मिली थी। टीम के विवाह स्थल पर पहुंचने से पहले ही किसी ने इसकी खबर दे दी। लिहाजा परिवार के लोगों ने मंडप निकाल दिया और लाइट बंद कर सो गए। दमोह जिले के पथरिया से आ रही बारात को भी रास्ते में ही रोक दिया। घर के दरवाजे खुलवाकर टीम ने अंदर देखा तो शादी की पूरी तैयारी थी। लड़की की शादी 40 वर्षीय दो बच्चों के पिता से तय की थी। करीब 4 घंटे तक समझाइश देने के बाद रात 12 बजे विवाह रोकने के लिए परिजन तैयार हुए।