एमपी में प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर विवाद
विधानसभा (Assembly) के सभापति तालिका में जिन नामों को रखा गया था उसमें बिसाहूलाल सिंह, लक्ष्मण सिंह, झूमा सोलंकी, संजय सत्येंद्र पाठक, जगदीश देवड़ा, यशपाल सिंह सिसोदिया का नाम शामिल था. कांग्रेस (congress) का कहना है कि जो नाम सभापति तालिका में शामिल होता है उसे प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाना चाहिए.
कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने प्रोटेम स्पीकर पद पर रामेश्वर शर्मा की नियुक्ति किए जाने को लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताया है. साथ ही जगदीश देवड़ा को भी मंत्री बनाए जाने को गलत करार दिया है. कांग्रेस के मुताबिक प्रोटेम स्पीकर के पद पर रहते हुए जगदीश देवड़ा को मंत्री बनाया गया है. देवड़ा ने 2 जुलाई को सुबह 11:00 बजे मंत्री पद की शपथ ली और शाम को 4:00 बजे प्रोटेम स्पीकर के पद से इस्तीफा दिया. कांग्रेस ने इस पूरे मामले में सर्वदलीय कमेटी गठित कर जांच कराने की जरूरत बताई है. साथ ही प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति निरस्त करने की मांग की है.
रामेश्वर को अनुभव नहीं
विधानसभा के सभापति तालिका में जिन नामों को रखा गया था उसमें बिसाहूलाल सिंह, लक्ष्मण सिंह, झूमा सोलंकी, संजय सत्येंद्र पाठक, जगदीश देवड़ा, यशपाल सिंह सिसोदिया का नाम शामिल था. कांग्रेस का कहना है कि जो नाम सभापति तालिका में शामिल होता है उसे प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाना चाहिए. क्योंकि उसे संसदीय व्यवस्थाओं का ज्ञान होता है और बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा दूसरी बार के विधायक हैं. ऐसे में उनका अनुभव कम है और उनकी नियुक्ति नियम विरुद्ध है.बीजेपी की आपत्ति
प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति को लेकर पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जे पी धनोपिया की मांग पर बीजेपी विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने कहा है कि पिछड़ा वर्ग आयोग जैसे संवैधानिक पद पर बैठे हुए व्यक्ति को प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर सवाल उठाने का हक नहीं है. किसी भी तरह की जांच से बीजेपी को परहेज नहीं, लेकिन सभापति तालिका बनाना विधानसभा स्पीकर के विवेक पर निर्भर होता है. तत्कालीन विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति ने सभापति तालिका बनाई थी. लेकिन सभापति तालिका से बाहर जाकर रामेश्वर शर्मा को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने कहीं से गलत नहीं है.
First published: July 6, 2020, 9:25 AM IST