- वाधवानी को जेल से स्वजन व वकीलों से बात करने की अनुमति मिली
- मामले से संबंधित दस्तावेज और टैक्स चोरी की राशि भी खोजी जा रही है
दैनिक भास्कर
Jul 08, 2020, 01:52 PM IST
इंदौर. किशोर वाधवानी और उसकी गैंग द्वारा मात्र एक साल में पान मसाला और सिगरेट का अवैध कारोबार कर 512 करोड़ रुपए की कर चोरी के मामले में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही मामले से संबंधित दस्तावेजों और टैक्स चोरी से कमाई गई राशि की लिंक की तलाश भी की जा रही है। वहीं दूसरी ओर जेल में बंद वाधवानी को जेल से स्वजन और वकील से फोन पर बात करने की अनुमति मिल गई है।
मामले में डीजीजीआई को 53 स्थानों पर मारे गए छापे मंे अधिक मात्रा में कागज नहीं मिले हैं लेकिन मशीन, पैकिंग मटेरियल और माल जरूर मिला है। इससे टैक्स चोरी मंे कमाई गई राशि कहां-कहां भेजी गई इसकी लिंक अभी जोड़ना बाकी है। विभाग ने संदीप माटा सहित अन्य पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप खोलकर इसकी फाइल की स्टडी के लिए अलग से टीम बना दी है। विभाग ने आईटी एक्सपर्ट बुला लिए हैं और अब मोबाइल, लैपटॉप से फाइलें व डिलीट किए गए वॉट्सएप चैट, कॉल आदि सभी को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। इससे राशि के इधर-उधर जाने के दस्तावेज मिलेंगे, इसके बाद ही विभाग दुबई व अन्य स्थानों पर भेजी गई राशि की लिंक टैक्स चोरी से जोड़ सकेगा। डमी कंपनियों के खातों को भी खंगाला जा रहा है व मास्टरमाइंड माने जा रहे उद्योगपति किशोर वाधवानी के विविध खातों, रियल एस्टेट ग्रुप व अन्य कंपनियों मंे लगी राशि की लिंक भी देखी जा रही है।
वाधवानी ने कोर्ट में लगाया था आवेदन
512 करोड़ रुपए की कर चोरी सामने आने पर डीजीजीआई द्वारा किशोर वाधवानी और चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था जहां से सभी को जेल भेजने के आदेश दिए गए थे। फिलहाल 5 आरोपी जेल में है। मुख्य आरोपी किशोर वाधवानी ने जिला कोर्ट में दो आवेदन पेश किए थे। एक आवेदन में उसने स्वजनों और वकील से मुलाकात और फोन पर बात करने की अनुमति देने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने आवेदन का निराकरण करते हुए कहा कि कोरोना की वजह से स्वजनों और वकील से मुलाकात की अनुमति नहीं दी जा सकती लेकन जेल से ही फोन के माध्यम से स्वजनों और वकीलों से बात करने की अनुमति प्रदान की जाती है। वहीं दूसरे आवेदन में वाधवानी ने मेडिकल सुविधा और विशेष आहार उपलब्ध कराने की मांग की थी। कोर्ट द्वारा इस आवेदन पर बुधवार को सुनवाई की जाएगी।
1500 करोड़ रुपए से ज्यादा की टैक्स चोरी का अनुमान
किशोर वाधवानी और उसकी गैंग द्वारा मात्र एक साल में ही 512 करोड़ रुपए की कर चोरी को अंजाम दिया गया है। डीजीजीआई की टीम द्वारा पान मसाले में 242 करोड़ और सिगरेट में 270 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा किया जा चुका है। यह कर चोरी अप्रैल 2019 से मई 2020 तक की है। अब वाधवानी गैंग के सभी आरोपियों के पांच सालों के रिटर्न खंगाले जा रहे हैं। साथ ही पैकिंग मटेरियल सप्लायर और ट्रांसपोर्टर से पूछताछ कर पांच साल के परिवहन व माल सप्लाय की जानकारी जुटाई जा रही है। बड़ी टैक्स डिमांड को देखते हुए विभाग ने संपत्तियों को अटैच करना शुरू कर दिया है। विभागीय अफसरों को आशंका है कि पांच साल का आंकड़ा जोड़ने पर टैक्स चोरी 1500 करोड़ से ऊपर पहुंचेगी।