नोएडा से बस से पहले कोटा पहुंचा था विकास दुबे और फिर उज्जैन.
कानपुर शूटआउट (Kanpur shootout) के मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) की उज्जैन (Ujjain) पहुंचने की दिलचस्प कहानी है.
ऐसे उज्जैन पहुंचा विकास दुबे
न्यूज़ 18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कानपुर कांड को अंजाम देने के बाद गैंगस्टर विकास दुबे सबसे पहले 5 और 6 जुलाई को नोएडा में रहा था. इसके बाद वह 7 जुलाई को प्राइवेट बस से नोएडा से कोटा के लिए रवाना हो गया. जबकि कोटा से भी उसने उज्जैन जाने के लिए प्राइवेट बस का ही सहारा लिया और वह 8 जुलाई को वहां (मंगलवार की रात) पहुंचा था. हालांकि विकास दुबे के कार से उज्जैन पहुंचने की खबरें भी मीडिया में चल रही हैं, लेकिन वह अभी जांच का विषय है, क्योंकि उसने कानपुर कांड को अंजाम देने के बाद किसी परमानेंट कार का सहारा नहीं लिया था. इसके साथ विकास दुबे के हरियाणा में भी जाने की चर्चा है, लेकिन इसकी कोई तारीख निश्चित नहीं है.
नीतीश कटारा हत्याकांड के आरोपी को भी मिल चुकी है मध्य प्रदेश में शरणविकास दुबे की तरह ही कुछ साल पहले बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड के आरोपी विकास यादव की गिरफ्तारी भी मध्य प्रदेश में ही हुई थी. विकास यादव बाहुबली राजनेता डीपी यादव का पुत्र है. मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी कॉलेज गाजियाबाद से स्नातक करने वाले नीतीश कटारा की हत्या विकास यादव ने की थी. नीतीश कटारा का भारती यादव से अफेयर था. भारती, विकास यादव की बहन है. यादव परिवार इस अफेयर के खिलाफ था. अदालत ने ऑनर किलिंग का मामला मानते हुए विकास यादव और विशाल यादव को उम्र कैद की सजा सुनाई थी. विकास की गिरफ्तारी ग्वालियर जिले के डबरा कस्बे से हुई थी. पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान उसे गिरफ्तार किया था. आर्म्स एक्ट में गिरफ्तारी हुई. बाद में उसकी पहचान नीतीश कटारा हत्याकांड के आरोपी के तौर पर हुई. विकास यादव की गिरफ्तारी के समय भी मध्य प्रदेश पुलिस के कुछ अफसरों की भूमिका पर ही सवाल खड़े हुए थे.