- देर रात करीब 1 बजे ग्रामीणों ने तेंदुओं को लड़ता देख वन विभाग को दी थी सूचना
- आधी रात को वन विभाग की टीम ने जू पहुंचाया, डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के कैंपस में भी जून महीने में दो बार तेंदुआ दिखाई दे चुका है
दैनिक भास्कर
Jul 10, 2020, 12:12 PM IST
इंदौर. इंदौर रेंज के नयापुरा क्षेत्र में गुरुवार देर रात वन विभाग की टीम ने एक घायल तेंदुए का रेस्क्यू किया। बुरी तरह से जख्मी तेंदुए को टीम रात में ही इंदौर जू लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया। तेंदुए के मुंह और आंख के पास गहरा जख्म हुआ है। तेंदुए के स्वस्थ होने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
वन विभाग की टीम को रात करीब 1 बजे ग्रामीणों ने सूचना दी थी कि कंपेल क्षेत्र के नयापुरा के जंगलों में दो तेंदुए आपस में भिड़ गए हैं और उसमें से एक तेंदुए को काफी चोट आई है। सूचना पर टीम विभाग के कंपार्टमेंट नंबर 222 में पहुंची। यहां पाया कि दोनों काफी आक्रामक हैं। एक को चोट में भी लगी हुई है। जैसे-तैसे दोनों को टीम ने अलग किया और घायल तेंदुए को रेस्क्यू कर रात करीब ढाई बजे जू लेकर पहुंचे। इस दौरान उसके शरीर से काफी खून बह रहा था। रात को ही डाक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया।
आईआईटी कैंपस में भी दिख चुका है तेंदुआ
शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के कैंपस में 29 जून को तेंदुआ दिखाई दिया था। प्रबंधन ने कैंपस में रहने वाले छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बेवजह घूमने और अंधेरे में जरूरत ना हाेने पर बाहर नहीं निकलने की सलाह दी थी। परिसर में रहने वाले परिवारों को सलाह दी गई है कि वे छोटे बच्चों को अकेले खेलने ना जाने दें। जून के पहले सप्ताह में भी एक तेंदुआ देखा गया था। वन विभाग ने उसे पकड़कर जंगल में छोड़ा था। आईआईटी ने हाल ही में देखे गए तेंदुए की सूचना भी वन विभाग को दी थी।
300 एकड़ में घना जंगल
आईआईटी के पास सिमरोल में वैसे तो 501 एकड़ जमीन है लेकिन उसमें से करीब 300 एकड़ में घना जंगल है। आईआईटी की कई सारी सुविधाएं इस जंगल से सटे हुए क्षेत्र में बनी हैं। हालांकि, सुरक्षा के सारे प्रबंध किए गए हैं लेकिन तेंदुए, लकड़बग्घे और सुअर समेत दूसरे जंगली जानवर कैंपस में घुस जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश से घने जंगल के बाहर भी पानी के कई स्रोत बन गए हैं इसलिए जंगली जानवर बाहर आ चुके हैं।