- विकास दुबे को लेकर पूछताछ में यूपी एफटीफ उन्हें अपने साथ ले गई थी
दैनिक भास्कर
Jul 11, 2020, 09:29 PM IST
शहडोल. गैंगस्टर विकास दुबे की एनकाउंटर में मौत के बाद यूपी एसटीएफ ने उसके साले ज्ञानेंद्र निगम और उसके बेटे आदर्श को रिहा कर दिया है। यूपी एसटीएफ की टीम दोनों को शहडोल जिले के बुढ़ार में उनके घर छोड़ने आई। विकास को लेकर पूछताछ में यूपी एफटीएफ उन्हें अपने साथ ले गई थी। विकास की मौत के बाद राजू की पत्नी पुष्पा ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार से पति और बेटे को छोड़ने की गुहार लगाई थी।
गैंगस्टर विकास की पत्नी ऋचा के बाद अब उसके साले ज्ञानेंद्र और भतीजे आदर्श को भी यूपी एसटीएफ ने रिहा कर दिया है। एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट ने ज्ञानेंद्र और आदर्श शहडोल जिले के बुढ़ार से हिरासत में लिया था। एसटीएफ की टीम से रिहा होने के बाद राजू निगम अपने बेटे आदर्श के साथ बुढ़ार सुबह 11 बजे पहुंचे। एसटीएफ ने उनको एक वाहन से घर तक भेजा। उनकी पत्नी पुष्पा निगम ने खुशी-खुशी उनका स्वागत किया इसके बाद राजू से मिलने वाले उनके दोस्त भी घर पहुंचे और सब ने उनकी कुशलक्षेम पूछी।
विकास के साले ज्ञानेंद्र ने कहा कि एसटीएफ ने उसे और उसके बेटे को कोई परेशानी नहीं होने दी। मैंने एसटीएफ को बताया था कि 20 साल से उसका विकास से कोई संबंध नहीं है। विकास से परेशान होकर ही वे अपनी सुसराल बुढ़ार रहने आ गए थे। जांच में एसटीएफ को भी हमारी बात सही लगी। इसके बाद हमे रिहा कर दिया गया। लेकिन ये चार पांच दिन उसके जीवन के सबसे कठिन दौर की तरह रहे। दिमाग काम नहीं कर रहा था बेटे और अपने परिवार की चिंता हो रही थी। इस दौरान शहर के लोगों ने हमारा साथ दिया सभी का शुक्रगुजार हूं।
साला भी था विकास दुबे का ‘क्राइम पार्टनर’
ज्ञानेंद्र विकास दुबे के साथ कानपुर में आपराधिक वारदातों को अंजाम देता था। 2006 से वह शहडोल के बुढ़ार में रह रहा है। गौरतलब है कि विकास दुबे ने ज्ञानेंद्र की बहन सोनू उर्फ ऋचा दुबे से लव मैरिज किया है।