भोपाल में लॉकडाउन के दौरान सुसाइड के केस बढ़े. (demo pic)
कोरोना (corona) से हुई मौत और सुसाइड आंकड़े हैरान करने वाले हैं. क्योंकि यह आंकड़े एक दूसरों के समान हैं. कोरोना से 70 दिनों में 74 मौत हुई थीं, तो वहीं 70 दिन में 63 लोगों ने खुदकुशी (suicide) की.
पुलिस से मिले आंकड़ों के अनुसार 22 मार्च से 31 मई के बीच लॉक डाउन में आम दिनों के मुकाबले ज्यादा लोगों ने मौत को गले लगाया है. लॉकडाउन समय अवधि के दौरान कुल 63 लोगों ने खुदकुशी की है. आंकड़ों के अनुसार 70 दिनों में 63 लोगों ने की खुदकुशी की. सुसाइड करने वालों में 26 महिलाएं भी शामिल हैं.
ये हैं खुदकुशी के कारण
पुलिस ने हर सुसाइड के मामले में एफ आई आर दर्ज की थी. जब इन मामलों की जांच की गई तो खुदकुशी के पीछे कई कारण सामने आए. इन कारणों में लंबी बीमारी, पारिवारिक कलह, आर्थिक तंगी और डिप्रेशन की वजह शामिल है. लॉकडाउन से पहले एक जनवरी से 21 मार्च के आंकड़ों के अनुसार इन 81 दिन में महिलाओं की खुदकुशी का आंकड़ा 21 था. जबकि इस दौरान 51 पुरुषों ने आत्महत्या की.कोरोना से मौत, सुसाइड का आंकड़ा
कोरोना से हुई मौत और सुसाइड आंकड़े हैरान करने वाले हैं. क्योंकि यह आंकड़े एक दूसरों के समान हैं. यानि इन आंकड़ों में ज्यादा कोई अंतर नहीं है.कोरोना से 70 दिनों में 74 मौत हुई थीं, तो वहीं 70 दिन में 63 लोगों ने खुदकुशी की.
डिप्रेशन से बचना चाहिए
रिटायर्ड डीजीपी आर एस यादव का मानना है कि पारिवारिक कलह की वजह से सबसे ज्यादा खुदकुशी के मामले सामने आते हैं. ऐसे में घर में होने वाले छोटे-छोटे झगड़ों से बचना चाहिए और इससे पैदा होने वाले डिप्रेशन को कभी भी अपने पर हावी नहीं होने देना चाहिए. यदि डिप्रेशन हावी होता है तो उस तनाव को दूर करना चाहिए. इसके अलावा डॉक्टरों की सलाह समय समय पर लेना चाहिए.