राजा (दिग्विजय) सिंह और महाराजा (ज्योतिरादित्य सिंधिया) की ये तस्वीर इसलिए भी खास है, क्योंकि दोनों नेता एक ही राज्य मध्य प्रदेश से आते हैं. इसी साल मार्च में सिंधिया ने कमलनाथ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और बीजेपी में शामिल हो गए, तब दिग्विजय सिंह ने खुले तौर पर कमलनाथ का समर्थन किया.
Delhi: BJP leader Jyotiraditya Scindia greets Congress leaders Digvijaya Singh, Ghulam Nabi Azad and Mallikarjun Kharge, before taking oath as Rajya Sabha member. pic.twitter.com/3wfGDYSHVZ
— ANI (@ANI) July 22, 2020
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कोरोना संक्रमण के चलते शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन बेहद सादगीभरा रहा. सभापति वेंकैया नायडू के चेंबर में नव निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलवाई गई.आज 20 राज्यों से चुने गए कुल 62 सांसदों को शपथ लेनी थी, जिसमें 44 ने आज शपथ ली. इनमें 36 सांसद वो हैं जो पहली बार राज्यसभा पहुंचे हैं. शपथ समारोह के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा गया.
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होली पर बीजेपी में शामिल हुए थे सिंधिया
बता दें कि पार्टी में कम महत्व मिलने के आरोप लगाते हुए सिंधिया होली पर अपने समर्थक विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे. उनके इस कदम के बाद मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी. जिसके बाद शिवराज सिंह चौहान दोबारा सीएम बने. सिंधिया की मदद से बीजेपी ने एमपी में सरकार बनाने के बाद उन्हें राज्यसभा का टिकट दिया था. उनके समर्थकों को भी शिवराज कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी मिली है.
राज्यसभा में किस पार्टी के कितने सदस्य?
बीजेपी-17
कांग्रेस- 9
जेडीयू- 3
वाईएसआर कांग्रेस और बीजू जनता दल के 4-4
अन्नाद्रमुक और द्रमुक के 3-3 सदस्य
एनसपी, टीआरएस और आरजेडी के 2-2, शेष सीटें अन्य के खाते में थी जिन्हें शपथ दिलाई जाएगी.
आज शपथ लेने वाले सदस्यों में कांग्रेस के कई युवा और पुराने चेहरे नजर आए. कांग्रेस के नवनिर्वाचित सांसदों में जिन्होंने आज शपथ ली वह है:-
हरियाणा- दीपेंद्र हुड्डा
कर्नाटक- मल्लिकार्जुन खड़गे
राजस्थान-नीरज डांगी
राजस्थान-केसी वेणुगोपाल
गुजरात-शक्तिसिंह गोहिल
मध्य प्रदेश-दिग्विजय सिंह
महाराष्ट्र- राजीव साथव
कांग्रेस ने नई और पुरानी पीढ़ी का रखा सम्मिश्रण
कांग्रेस के जिन सांसदों ने आज राज्यसभा की शपथ ली है अगर उनकी सूची पर नजर जा रहा डाला जाए तो यह साफ लगता है कि एक नई और पुरानी पीढ़ी का सम्मिश्रण है, जहां एक ओर मल्लिकार्जुन खड़गे जो पिछली लोकसभा में कांग्रेस के नेता थे, उन्हें कर्नाटक से राज्यसभा लाया गया है. वहीं, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भी राज्यसभा में एक बार फिर मौका मिला है. इसके अलावा ज्यादातर लोग राहुल गांधी के करीबी और युवा पीढ़ी के माने जाते हैं.
इसमें सबसे प्रमुख नाम है कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, जो केरल से आते हैं. उन्होंने पिछली लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ा था और संगठन की सारी जिम्मेदारी आजकल यही संभाल रहे हैं. इसी तरह राहुल गांधी की करीबी गुजरात के प्रभारी राजीव सातव को भी एक बार फिर से राज्यसभा के जरिए संसद तक पहुंचने का मौका मिला है. (PTI इनपुट के साथ)