2018 में प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर हुए विधान सभा चुनाव में 180 करोड़ रुपए खर्चा आया था(सांकेतिक फोटो)
प्रत्येक मतदान केंद्र (Polling booth) में 500 मतदाता (voters) कम किए जाने हैं. इनके लिए नये मतदान केंद्र बनेगें. उन पर मतदान सामग्री सहित कोरोना से बचाव के सभी इंतज़ाम किए जाएंगे.
विधानसभा उपचुनाव में खर्च होंगे 71करोड़
कोरोना महामारी के दौरान होने वाले विधानसभा उपचुनाव में केंद्र सरकार और who की उन तमाम गाइड लाइन का पालन किया जाएगा जो इसके संक्रमण से बचने के लिए ज़रूरी हैं. सोशल डिस्टेंस, मास्क, सेनेटाइजर जैसे तमाम इंतजाम चुनाव के दौरान करना होंगे. इसके लिए अलग से तैयारी की जाएगी और ज़ाहिर है इसके लिए पैसा भी खर्च होगा. सोशल डिस्टेंसिंग के बीच होने वाले उपचुनाव में अतिरिक्त तैयारियां भी की जाएंगी. 26 विधानसभा सीटों पर अगर सामान्य परिस्थितियों में चुनाव कराया जाता तो 21करोड़ का खर्च आता.कोरोना महामारी से बचाव के सभी उपायों के साथ चुनाव कराने पर 71करोड़ का खर्चा आएगा. यानि 50करोड़ का अतिरिक्त खर्च का भार उपचुनाव में आने वाला है. हर एक विधानसभा सीट पर चुनाव में 2 करोड़ 73 लाख रुपए खर्च होंगे.
4500 बूथ बढ़ेंगेकोरोना के कारण हर विधानसभा सीट पर मतदान के दौरान सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखा जाना है.इसलिए प्रत्येक केंद्र में 500 मतदाता कम किए जाने हैं.यानि इन मतदाताओं को नये पोलिंग बूथ पर शिफ्ट किया जाएगा.प्रदेश भर में 4500 पोलिंग बूथ बनाए जाने हैं.इन सभी पोलिंग बूथ पर अधिकारियों,कर्मचारियों,चिकित्सीय स्टाफ की व्यवस्था होगी. चुनाव सामग्री ईवीएम और वीवीपैट मशीन की खरीदी पर 50 करोड़ का अतिरिक्त खर्च भी आएगा.
2018 विधानसभा चुनाव में 180 करोड़ खर्च
2018 में प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर हुए विधान सभा चुनाव में 180 करोड़ रुपए खर्चा आया था.इसके अलावा चुनाव प्रचार का खर्च अलग से किया गया था. वहीं जिन विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी उन सभी कर्मचारियों के भत्ते सहित अन्य खर्च का भार सभी विभागों ने अपने स्तर पर उठाया था.
26 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव
मध्यप्रदेश में 22 कांगेस विधायकों ने कांग्रेस छोड़ दलबदल कर बीजेपी ज्वाइन कर ली थी. 2 सीटें विधायकों के निधन के कारण खाली हुईं. हाल ही में कांग्रेस के दो और विधायकों ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दिया है..इस तरह मध्यप्रदेश में 26विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है.