राम मंदिर शिलान्यास: बीजेपी नेता राकेश सिंह बोले- शंकराचार्य को सियासी बयानों से दूर रहना चाहिए | bhopal – News in Hindi

राम मंदिर शिलान्यास: बीजेपी नेता राकेश सिंह बोले- शंकराचार्य को सियासी बयानों से दूर रहना चाहिए | bhopal – News in Hindi


भोपाल. लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक और मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंह (Rakesh Singh) ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद (Swami Swarupanand) को राजनीतिक वक्तव्यों का समर्थन नहीं करना चाहिए. राम मंदिर (Ram Mandir) का शिलान्यास अभिजीत मुहूर्त में हो रहा है. सिर्फ़ कांग्रेस के दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) पांच अगस्त के मुहूर्त को शुभ नहीं मानते हैं.

राकेश सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर हमला करते हुए कहा सनातन धर्म को मानने वाले खुशियां मना रहे हैं. आराध्या भगवान राम के मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो रहा है. मगर कांग्रेस के दिग्विजय सिंह इसे शुभ नहीं मानते है. शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद भी दिग्विजय सिंह का समर्थन कर रहे हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है.

शिलान्यास पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक राकेश सिंह ने शंकराचार्य को सलाह देते हुए कहा कि राजनीतिक वक्तव्य का अनुसरण नही करना चाहिए. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह कुछ भी कह सकते है, मगर उनके बयानों को गंभीरता से कितने लोग लेते हैं.उन्होंने कहा कि शिलान्यास को राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. 500 साल बाद भगवान राम के मंदिर का शिलान्यास हो रहा है, इस मौके पर सबको साथ खड़ा होना चाहिए.

कांग्रेस डूबता जहाज, लोग साथ छोड़ रहे हैं

मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि विधानसभा उपचुनाव कब होना है, यह तय करना राजनीतिक दलों का नहीं बल्कि चुनाव आयोग का काम है. संविधान में यह जिम्मेदारी चुनाव आयोग को सौंपी गई है.

उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना का ख़तरा बढ़ा रहा है. भोपाल में फिर से लॉक डाउन की स्थिति बन रही है. ग्वालियर चंबल में लॉक डाउन है. इस सब के बीच चुनाव के लिए भाजपा का कार्यकर्ता तैयार है और डूबते कांग्रेस के जहाज का एक-एक करके लोग साथ छोड़ रहे हैं. कांग्रेस मुगालते में है कि उपचुनाव जीत लेगी.

उन्होंने बताया कि चुनाव के लिए भाजपा की तैयारी पूरी है, चुनाव आयोग फैसला करें, तो भाजपा कल चुनाव लड़ने को तैयार है. कांग्रेस की स्थिति ऐसी नहीं है. लोग उसका साथ छोड़ रहे हैं.

कमलनाथ ने असंतुष्टों के अलग-अलग दल बनाए

पूर्व सीएम कलमनाथ पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि अपने ही दल में कितने छोटे-छोटे असंतुष्ट दल कमलनाथ ने बनाए हैं. उनलोगों की बातें नही सुनी गईं. आंतरिक लोकतंत्र है यह लोगों को एहसास नहीं होने दिया गया. इंतजार करें और आगे देखिए क्या-क्या होता है. भाजपा बड़ा परिवार है और पार्टी की रीति नीति स्वीकार करके जो कोई आता है, उसका स्वागत कर रहे हैं.





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