Ram Mandir Nirman Karya Construction News Updates: Mahakal Bhasm and Shipra River Water Sent To Ayodhya Ram Janmabhoomi | अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए महाकाल वन की मिट्टी, महाकाल की भस्म और शिप्रा का जल लेकर रवाना हुए भक्त

Ram Mandir Nirman Karya Construction News Updates: Mahakal Bhasm and Shipra River Water Sent To Ayodhya Ram Janmabhoomi | अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए महाकाल वन की मिट्टी, महाकाल की भस्म और शिप्रा का जल लेकर रवाना हुए भक्त


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उज्जैन4 मिनट पहले

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राम मंदिर निर्माण के लिए भेजी गई सामग्री को मंत्रोचार से जाग्रत कर एक कलश में भरकर भेजा गया।

  • महाकाल मंदिर के पुजारियों ने मिट्‌टी, जल और भस्म को मंत्रोचार के साथ जागृत कर अयोध्या भेजा
  • मंदिर के लिए अयाेध्या, मथुरा, माया, काशी, कांति, अवंतिका और पुरी से भूमि का दान पहुंच रहा

देश के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र अयोध्या का राम मंदिर का निर्माण होने जा रहा है। 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंचकर भूमि पूजन करेंगे। नींव निर्माण के लिए उज्जैन के महाकाल वन से मिट्टी और विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल की भस्म भी पूजन के लिए अयोध्या पहुंचाई जा रही है। सोमवार को उज्जैन के पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी द्वारा महाकाल वन की मिट्टी, महाकाल मंदिर की भस्म और शिप्रा नदी का जल पूजन-अर्चन के बाद अयोध्या भेजा गया। संतों ने मिट्टी, भस्म और शिप्रा का जल विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी को सौंपा गया।

महाकाल मंदिर परिसर में आरएसएस के पदाधिकारियों को सामग्री सौंपी गई।

महाकाल मंदिर के विनीत गुरु ने बताया कि उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से भगवान महाकाल को सबसे प्रिय भस्म अब अयोध्या के राम मंदिर की शोभा बढ़ाएगी। सोमवार को महाकालेश्वर के पुजारियों ने मंत्रोच्चार के साथ भगवान महाकाल की भस्मआरती की भस्म, शिप्रा का जल और उज्जैन की माटी को एकत्रित कर मंत्रोच्चार से जागृत कर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को सौंपा।

पुजारियों द्वारा सौंपी गई सामग्री को लेकर ये लोग अयोध्या के लिए रवाना हुए। इन्होंने बताया कि शिलान्यास के पहले 3 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के लिए पूजन-यज्ञ शुरू होगा। इसमें उज्जैन से भेजी जा रही सामग्री का उपयोग या जाएगा। भगवान महाकाल को राम का आराध्य माना जाता है और भगवान राम शिव के आराध्य हैं। ऐसे में भगवान महाकाल अपनी सबसे प्रिय भस्म भी अयोध्या निर्माण के शिलान्यास में भगवान राम को समर्पित करने जा रहे हैं।

सात नगरियों से पहुंच रही है सामग्री
आह्वान अखाड़े के महामंडलेश्वर आचार्य शेखर ने बताया था कि मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या, मथुरा, माया, काशी, कांति, अवंतिका और पुरी सातों नगरी से कुछ ना कुछ भूमि का दान पहुंच रहा है। मान्यता है कि भगवान राम जब उज्जैन आए थे, जब उन्होंने भगवान शंकर की पूजा की थी। उनके नाम पर ही शिप्रा नदी के राम घाट बना हुआ है। जब उन्होंने अश्वमेघ यज्ञ किया था तब हनुमान जी शिप्रा और कोटितीर्थ का जल लेने यहां आए थे। प्रधानमंत्री मोदी सातों पुरियों की, 12 ज्योतिर्लिंग की, 51 शक्तिपीठ की मिट्‌टी से मंदिर निर्माण के लिए पूजन करेंगे।

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