मध्यप्रदेश में तेंदुए की संख्या के साथ भालुओं की संख्या भी बढ़ी है.
2014 की गणना के अनुसार मध्य प्रदेश (MP) को तेंदुआ स्टेट ((leopard state) ) का दर्जा मिला था. उस समय दूसरे स्थान पर कर्नाटक राज्य था. मध्य प्रदेश में 1817 तेंदुए पाए गए थे तो कर्नाटक में 1129 तेंदुए थे
29 जुलाई को बाघ दिवस है. केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर इस मौके पर देश भर में बाघ और तेंदुए के आंकड़े जारी कर सकते हैं. 2014 की गणना में देश में सबसे ज्यादा तेंदुए मध्य प्रदेश में पाए गए थे. उस वक्त 1817 तेंदुए एमपी मिले थे. वन विभाग का अभी अनुमान है कि अब इनकी संख्या बढ़कर 2200 से ज्यादा हो चुकी है. इस गणना के अनुसार मध्यप्रदेश (leopard state का दर्जा हासिल करने में बाजी मार सकता है.
इसलिए रहा अव्वल
2014 की गणना के अनुसार मध्य प्रदेश को तेंदुआ स्टेट का दर्जा मिला था. उस समय दूसरे स्थान पर कर्नाटक राज्य था. मध्य प्रदेश में 1817 तेंदुए पाए गए थे तो कर्नाटक में 1129 तेंदुए थे. वन विभाग का कहना है मध्य प्रदेश में तेंदुए बढ़कर 2200 हो सकते हैं. दूसरे नंबर पर रहे कर्नाटक में कितने भी तेंदुए बढ़े होंगे उनकी तादाद एमपी से ज़्यादा नहीं हो सकती. यही वजह है कि एमपी फिर अव्वल रह सकता है.
तेंदुए के साथ भालू भी बढ़े
दिसंबर 2017 से मार्च 2018 के बीच देशभर में बाघों की गिनती कराई गई थी. इस दौरान तेंदुए समेत दूसरे वन प्राणियों की भी गणना हुई थी. केंद्र सरकार ने बाघों के आंकड़े तो जारी कर दिए थे, बाकी वन्य प्राणियों के आंकड़ों की घोषणा नहीं की थी. वन विभाग के मुताबिक मध्यप्रदेश में तेंदुए की संख्या के साथ भालुओं की संख्या भी बढ़ी है.