हेलमेट पहनने के बाद भी कट सकता है चालान, सरकार बदलने जा रही ये नियम, जानिए कैसे | auto – News in Hindi

हेलमेट पहनने के बाद भी कट सकता है चालान, सरकार बदलने जा रही ये नियम, जानिए कैसे | auto – News in Hindi


लोकल हेलमेट पहनने पर जुर्माना लग सकता है.

केंद्रीय परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) ने एक नोटिफिकेशन जारी कर बताया ​है कि दुपहिया सवारों के लिए BIS  मानक वाले हेलमेट लगाने अनिवार्य होंगे. लोकल हेलमेट पहनकर दुपहिया वाहन चालने पर जुर्माना लगाया जाएगा.

नई दिल्ली. अब हाईवे पर चलते समय या किसी सड़क किनारे से हेलमेट खरीदना आपको भारी पड़ सकता है. केंद्र सरकार एक ऐसी योजना पर काम कर रही है, जिसमें दुपहिया वाहनों पर लोकल क्वॉलिटी का हेलमेट लगाने पर चालान कट सकता है. इस नियम के लागू हो जाने के बाद अगर कोई दुपहिया सवार लोकल हेलमेट पहनकर बाहर निकला तो जुर्माना लगाया जाएगा. केंद्रीय परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) ने एक नोटिफिकेशन जारी कर बताया ​है कि दुपहिया सवारों के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) मानक वाले हेलमेट लगाने अनिवार्य होंगे.

1 मार्च ये लागू होगा नया नियम
नोटिफिकेशन में बताया गया है कि इन हेलमेट के उत्पादन और बिक्री के लिए भी नया नियम लागू किया जा रहा है. साथ ही, लोकल हेलमेट की मैन्युफैक्चरिंग पर जुर्माना और जेल की सजा का भी प्रावधान है. 1 मार्च 2021 से इस नियम को देशभर में लागू कर दिया जाएगा.

हेलेमट पर BIS चिन्ह प्रिंट करना होगा ​अनिवार्यहेलमेट मैन्युफैक्चरिंग करने वाले को क्वॉलिटी स्टैंडर्ड के बारे में जानकारी देने के लिए प्रत्येक हेलमेट पर बीआईएस विनियम, 2018 के अनुसार भारतीय मानक ब्यूरो से एक लाइसेंस के तहत मानक चिन्ह भी प्रिंट करना होगा. हालांकि, अगर इसका निर्यात किया जाता है तो यह अनिवार्य नहीं होगा. निर्यात किए जाने वाले हेलमेट पर विदेशी खरीदार की मांग और जरूरत के आधार पर मैन्युफैक्चरिंग की जाएगी. सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि अगर कोई व्यक्ति इस आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन करता है तो बीआईएस अधिनियम 2016 के तहत दंडित किया जाएगा.

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सरकार को सुझाव भेजने के लिए 30 दिन का समय
इस नोटिफिकेशन में परिवहन मंत्रालय ने 30 जुलाई को अधिसूचना जारी कर आपत्ति और सुझाव मांगे हैं. लोगों और सम्बंधित कम्पनियों को सुझाव देने के लिए 30 दिन का वक्त दिया गया है. अगर आप भी इस संबंध में सरकार को कोई सुझाव देना चाहते हैं तो लेटर लिखकर या ई-मेल के जरिये भेज सकते हैं.





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