उज्जैन3 मिनट पहले
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शहर को स्वच्छता में नंबर वन और स्मार्ट सिटी बनाने की उम्मीदों पर बारिश पानी फेरती नजर आती है। जरा सी बारिश में शहर सड़क सरोवर नजर आने लगता है। यह हालात देख नागरिक प्रशासन पर सवाल खड़ा करते हैं। सड़कें बनाते वक्त इंजीनियर्स की जिम्मेदारी होती है कि वे सड़क बनाने के मापदंडों को पूरा कराएं। लेकिन लगता नहीं यह सड़कें अफसरों की देख-रेख में बनवाई जाती हैं। अफसरों की अनदेखी का नतीजा है कि बिना मापदंड की बनी सड़कें बारिश में सरोवर में तब्दील हो जाती हैं। इससे आने-जाने वाले वाहनों व पैदल यात्रियों को मुश्किल होती है।
दोपहर तक रिमझिम, फिर खिली धूप
शहर में चार दिन से बना बारिश का दौर शनिवार को भी जारी रहा। बीती रात हल्की बारिश के बाद शनिवार को भी दोपहर तक रिमझिम ने लोगों को भिगोया। दोपहर बाद फिर से धूप निकल आई। इस कारण दिन में तापमान बढ़ने के साथ ही गर्मी आैर उमस भी बढ़ गई। रात के तापमान में गिरावट से कुछ राहत मिली।
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