भोपाल में करीब 200 जिम और 50 से ज्यादा योगा सेंटर हैं.
योग (YOG) और जिम (GYM) खोलने से पहले प्रशासन की शर्तें और नियम मानना होगा. संचालकों को फॉर्म भरकर देना अनिवार्य कर दिया है
राजधानी में अनलॉक-3 की गाइड लाइन लागू हो चुकी है. इसके साथ ही शहर में जिम और योग क्लासेस को शर्तों के साथ आज से खोलने की छूट दे दी गयी. भोपाल में करीब 200 जिम और 50 से ज्यादा योगा सेंटर हैं. ये सभी 25 मार्च से लॉक डाउन 1 लागू होते ही बंद कर दिए गए थे. अब लगभग 140 दिन के लंबे इंतज़ार के बाद शहर के जिम खुल रहे हैं. अपर कलेक्टर सतीश कुमार एस. ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं.
फॉर्म भरना होगा
हालांकि योग और जिम खोलने से पहले प्रशासन की शर्तें और नियम मानना होगा. संचालकों को फॉर्म भरकर देना अनिवार्य कर दिया है. इसमें gym और योग सेंटर को केंद्र और भारत सरकार की एसओपी के आधार पर बनाए गए घोषणा पत्र को भरकर संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को देना होगा. एसडीएम उस घोषणा के आधार पर ही जिम और योग सेंटर खोलने की परमिशन देंगे.परमिशन दीवार पर चस्पा
इस परमिशन को जिम या योग संस्थान के बाहर चस्पा करना होगा. अपर कलेक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी भी संस्थान में नियम का पालन नहीं किया गया तो अधिकतम 15 दिन के लिए संस्थान को सील कर दिया जाएगा. साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा. अपर कलेक्टर ने यह आदेश सभी सर्कल्स और तहसीलों के एसडीएम को भेज दिए हैं.
लोन का बोझ और रोटी का संकट
कोरोना काल में सबसे पहले जिम पर ही प्रशासन ने ताले लगा लगवा दिए थे. अनलॉक 3 में इनके ताले अब खुल पाए हैं. ऐसी स्थिति में पिछले 4 महीने से जिम संचालकों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है. इनमें से ज़्यादातर किराये के भवन में हैं. बैंक से लोन लेकर चलाए जा रहे हैं. लॉकडाउन के दौरान जिम बंद होने के कारण उनके सामने बैंक की किश्त, बिजली का बिल जमा करने के साथ ही रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया था.