Indore Crime news Update Ujjain STF arrested fake IPS officer | खुद को आईपीएस या नेता का परिचित बताता था, घर से मिली 100 से ज्यादा चेकबुक, नौकरों के नाम पर भी धोखाधड़ी के लिए खुलवा रखे थे खाते

Indore Crime news Update Ujjain STF arrested fake IPS officer | खुद को आईपीएस या नेता का परिचित बताता था, घर से मिली 100 से ज्यादा चेकबुक, नौकरों के नाम पर भी धोखाधड़ी के लिए खुलवा रखे थे खाते


इंदौर/उज्जैन8 मिनट पहले

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आरोपी इंदौर-भोपाल हाईवे पर टोल में रुतबा दिखाते समय टीम के हत्थे चढ़ गया।

  • अमलाहा टोल नाके पर रुतबा बताते समय टोलकर्मी ने दी एसटीएफ उज्जैन को सूचना
  • इंदौर के लसूड़िया और सिमरोल के साथ ही उज्जैन और मुंबई में धोखाधड़ी का केस दर्ज

अपने आप को फर्जी आईपीएस अधिकारी बताने वाले नटवरलाल को उज्जैन एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। पुलिस को उसके पास से 100 से अधिक चेकबुक और लाखों रुपए के फर्जी चेक मिले हैं। आरोपी ज्योतिर्मयी विजयवर्गीय इंदौर का रहने वाला है और अब तक उस पर इंदौर के दो थाना क्षेत्रों सहित मुंबई और उज्जैन में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हो चुके हैं। वह जरूरत के हिसाब से नेता या आईपीएस अधिकारी का परिचित बन जाता था या फिर फोन पर खुद ही वह व्यक्ति बनकर बात करता था।

एसटीएफ एसपी गीतेश गर्ग ने बताया कि ज्योतिर्मयी विजयवर्गीय इंदौर से भोपाल के लिए निकला था। हर टोल पर इसने खुद को आईपीएस अधिकारी बताया। अमलाहा टोल नाके पर इसने कहा कि तीन-चार लोगों की टोल पर नौकरी लगानी है। शंका होने पर टोलकर्मियों ने एसटीएफ को कॉल कर बताया कि एक व्यक्ति खुद को आईपीएस अधिकारी बता रहा है। वह लग्जरी कार (एमपी 04 सीएन 0270) में सवार है और बिना टोल दिए निकलने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए वह अपना प्रभाव भी दिखा रहा है। हमें शंका है कि वह व्यक्ति फर्जी है।

इस लग्जरी कार को भी फर्जी चेक देकर लिया था।

सूचना के बाद एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची और ज्योतिर्मयी नामक इस फर्जी नटवरलाल को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि आईपीएस अधिकारी बनाते के साथ ही वह खुद को भाजपा नेता का परिचित भी बताया करता था। बड़े-बड़े नामों के दम पर वह कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है। टीम को आरोपी के घर से पड़ताल में 100 से अधिक चेक बुक और लाखों रुपए के चेक भी मिले हैं।

नौकरों तक के नाम से खाते खुलवाए
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ इंदौर के लसूड़िया और सिमरोल के साथ ही उज्जैन और मुंबई में धोखाधड़ी का केस दर्ज है। टीम को उसके पास से कई मोबाइल और सिम मिली हैं। इसमें से 7 नंबर वह खुद चलाता था। उसने अलग-अलग सिम ले रखी थी और उन्हें अपने मोबाइल पर किसी प्रभावशाली व्यक्ति के नाम पर सेव कर रखे थे। जब भी उसे कोई काम होता था, संबंधित व्यक्ति के नाम से वह लोगों को कॉल कर देता था। उस व्यक्ति के नाम से नंबर सेव होने से ट्रू कॉलर में वह उसी प्रभावशाली व्यक्ति के नाम से शो होता था। इसी प्रकार से यह लोगों को झांसे में लेता था। इसके अलावा इसने अपने नौकरों तक के नाम से खाते खुलवा रखे थे, जिनके खातों के जरिए भी यह धोखाधड़ी करता था।

लग्जरी कार भी फर्जी कर ली थी
पुलिस इस बात की भी जानकारी ले रही है कि अब तक इस ने कितने लोगों के साथ धोखाधड़ी की है और कहां-कहां आईपीएस का रुतबा दिखाकर लोगों को धमकाया है। जिस लग्जरी गाड़ी का रुतबा वह लोगों को दिखाता था वह भी उसने धोखाधड़ी से ली थी। 14 लाख रुपए में गाड़ी का सौदा किया और विक्रता को फर्जी चेक पकड़ा दिए थे।

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