भिंड37 मिनट पहले
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- भीम आर्मी के प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी भूले सोशल डिस्टेंसिंग, बिना मास्क के दिखे कई चेहरे
गोहद और गोरमी थाना प्रभारियों को हटाए जाने की मांग को लेकर भीम आर्मी ने बुधवार की दोपहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान उन्होंने शासन, प्रशासन, पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही खुले आम चेतावनी दी कि यदि अनुसूचित जाति वर्ग के ऊपर अत्याचार बंद नहीं हुआ तो वे चंद्रशेखर के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन करेंगे । इसके अलावा वे यह भी कहने में नहीं चूके कि उन्हें 2018 की पुनरावृत्ति के लिए मजबूर नहीं किया जाए। खास बात यह भी रही कि आक्रोशित आंदोलनकारी इस दौरान कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क की अनिवार्यता को भी भूल गए। दरअसल भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष दिनेश बौद्ध के नेतृत्व में अनुसूचित जाति के तमाम लोगों ने बुधवार की दोपहर करीब 1.30 बजे एसपी दफ्तर पहुंचे। जहां उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर अपना गुस्सा दिखाया। इस दौरान आंदोलनकारी अपने हाथों में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, ज्योतिवाराव फुले, सहित अन्य महापुरुषों के साथ भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की तस्वीरें और नीले झंडे भी लहरा रहे थे। भीम आर्मी के नेताओं अपने भाषणों के दौरान जमकर शासन, प्रशासन और नेताओं पर अपना गुस्सा दिखाया। वे गोहद थाना प्रभारी महेंद्र सिंह धाकड़ और गोरमी थाना प्रभारी मनोज सिंह राजपूत को हटाए जाने सहित उन पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
एसपी को ज्ञापन देने पर अड़े, सीएसपी ने मनाया, एएसपी को दिया ज्ञापन
इस दौरान भीम आर्मी के लोग एसपी मनोज कुमार सिंह को ज्ञापन देने की मांग पर अड़े थे। लेकिन एसपी के जिला मुख्यालय पर मौजूद न होने की वजह से काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। तब सीएसपी आनंद राय ने आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद उन्होंने एएसपी संजीव कंचन को ज्ञापन दिया। इस अवसर पर डीएसपी हेडक्वार्टर एमएल कुशवाह, देहात थाना प्रभारी प्रमोद साहू, भारौली थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे सहित अन्य थानों का बल मौजूद रहा। ज्ञापन देने वालों में दिनेश बौद्ध के साथ नवलेश खुरे, कमल नागर, केशव जाटव सहित तमाम लोग शामिल रहे।
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