मध्य प्रदेश के अधिकतर कांग्रेसी नेता चाहते हैं कि कांग्रेस का अध्यक्ष पद राहुल गांधी के पास ही रहे. (फाइल फोटो)
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (Congress working committee) की बैठक से पहले यह तय है कि सोनिया गांधी अब अध्यक्ष पद पर नहीं रहेंगी. उनके बाद कांग्रेस की कमान किसके हाथ में होगी, इसको लेकर कशमकश के हालात हो गए हैं.
- News18Hindi
- Last Updated:
August 23, 2020, 11:47 PM IST
दिग्विजय सिंह ने भी राहुल की वकालत
दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने भी राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाए जाने की वकालत की है. दिग्विजय सिंह ने कहा है कि राहुल गांधी को जिद छोड़कर अध्यक्ष पद स्वीकार करना चाहिए. कांग्रेस कार्यकर्ता और किसी का नेतृत्व स्वीकार नहीं करेगा. यह समय कांग्रेस के एकमत होने का है. नेहरू गांधी परिवार के बिना कांग्रेस की कल्पना नहीं हो सकती है. पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने भी राहुल गांधी के पक्ष में ट्वीट कर लिखा है मुझे गर्व है कि मेरे नेता राहुल गांधी हैं. कांग्रेस के विधायक कुणाल चौधरी ने भी राहुल गांधी के समर्थन में ट्वीट कर कार्यकर्ताओं की आस राहुल गांधी के नेतृत्व में होने की बात कही है.
पार्टी की कमान के लिए कई सीनियर नेताओं के नाम चर्चा मेंदरअसल कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में यह तय है कि सोनिया गांधी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देंगी. लेकिन इसके बाद कांग्रेस की कमान किस हाथ में होगी, इसको लेकर पार्टी के अंदर कयासबाजी तेज हो गई है. हालांकि पार्टी में कई सीनियर नेताओं के नाम तेजी के साथ सामने आए हैं. इनमें मुकुल वासनिक, दिग्विजय सिंह, पी चिदंबरम समेत कई नेताओं के नाम हैं. लेकिन प्रदेश कांग्रेस की मंशा है कि कांग्रेस की कमान राहुल गांधी के हाथों में ही होना चाहिए. अब देखना यह है कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में क्या फैसला होता है. कांग्रेस की कमान एक बार फिर गांधी परिवार के हाथ में होती है या फिर बीजेपी के आरोपों का जवाब देने के लिए कांग्रेस किसी गैरगांधी को पार्टी की कमान सौंपती है.