एक एयर गन और एक खिलौनेनुमा रिवॉल्वर बरामद की गयी.
आरोपी (Accussed) सुरेंद्र ने झांसा दिया कि वो उसकी पुलिस (police) विभाग में कॉन्सटेबल के पद पर नौकरी लगवा देगा. इसके लिए उसे 50 हजार रुपए देना पड़ेगा. सुरेंद्र खाकी वर्दी पहना हुआ था. इसलिए राजा रमीज अली ने उस पर भरोसा कर लिया.
फर्जी पुलिस वाला
थाना क्राइम ब्रांच भोपाल को पुलिस की वर्दी पहनकर धोखाधड़ी करने वाले जालसाज ठग के बारे में जानकारी मिली. भोपाल में रहने वाले राजा रमीज अली ने पुलिस में की गयी शिकायत में बताया कि वो बेरोजगार है. मुझे नौकरी की जरूरत थी. एक व्यक्ति से मेरा संपर्क हुआ, जिसने कहा, वो मेरी पुलिस में नौकरी लगवा देगा. उसने बताया कि उसका नाम सुरेंद्र धुरिया है और वह पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर है. उसने खुद को शाहजहांनाबाद थाने में पदस्थ होना बताया. करोंद में मुलाकात के दौरान सुरेंद्र पुलिस की वर्दी मे ही मिला था. उसकी नेम प्लेट पर सुरेन्द्र लिखा था.
कांस्टेबल की नौकरी के लिए 50 हजार रुपएआरोपी सुरेंद्र ने झांसा दिया कि वो उसकी पुलिस विभाग में कॉन्सटेबल के पद पर नौकरी लगवा देगा. इसके लिए उसे 50 हजार रुपए देना पड़ेगा. सुरेंद्र खाकी वर्दी पहना हुआ था. इसलिए राजा रमीज अली ने उस पर भरोसा कर लिया. सुरेन्द्र को उसने अगस्त में 50 हजार रुपए दे दिए. लेकिन पैसे लेते ही सुरेन्द्र ने अपना फोन बंद कर दिया. उसके बाद रमीज ने सुरेन्द्र के घर के कई चक्कर लगाए लेकिन वो नहीं मिला. पूछताछ करने पर पता चला कि सुरेन्द्र तो ठग है वो पुलिस वाला है ही नहीं.
पुलिस की वर्दी में घूमता था
आरोपी सुरेंद्र शहर में वर्दी पहन कर घूमता था. शिकायत मिलने के बाद उसके खिलाफ थाना क्राइम ब्रांच ने विवेचना में लिया. उसके बाद सुरेन्द्र की तलाश के लिए एक टीम बनायी गयी. मुखबिर की सूचना पर टीम ने बैरसिया भोपाल मार्ग पर एक बिना नंबर की कार रोककर चैकिंग की तो उसमें एक पुलिस वर्दी पहने व्यक्ति मिला. वो सहायक उप निरीक्षक की वर्दी पहने था. उससे पूछताछ की गई तो उसकी नेम प्लेट पर सुरेन्द्र कुमार नम्बर 2541 लिखा हुआ था.सुरेन्द्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो अपनी पोस्टिंग के बार में कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाया.
एएसआई के पद के नाम के साथ बैच नंबर नहीं होता
उसने अपना नाम सुरेन्द्र धूरिया पिता सुंदरलाल धूरिया निवासी म.न. एस एल 38 राजीव कॉलोनी विवेकानन्द कॉलोनी के पास करोंद भोपाल बताया. उसने ये भी कहा कि करगिल सिक्यूरिटी में फील्ड में वो काम करता है. सुरेन्द्र पकड़ में इसलिए आ गया क्योंकि सहायक उप निरीक्षक पद नाम के साथ बैच नंबर नहीं होता. जबकि उसके बैच पर नंबर डला था.सुरेन्द्र के पास से दो बाइक भी मिलीं. साथ ही एक एयर गन और एक खिलौनेनुमा रिवॉल्वर बरामद की गयी.