मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को बाढ़ को लेकर निर्देश दिए हैं.
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश (Rain) हो रही है. इसके चलते आज सीएम शिवराज सिंह चौहान का दौरा टालना पड़ा.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बाढ़ के हालात पर रिपोर्ट तलब की और उससे निपटने को लेकर अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए सीएम ने बैठक में प्रदेश की प्रमुख नदियों के जलस्तर, सभी बांधो का जल स्तर और किस बांध के कुल कितने गेट खोले गए है. इसकी जानकारी ली सीएम को बैठक में बताया गया कि प्रदेश के लगभग सभी बांध का लेवल फुल हो चुका है. जबकि अभी अगले 48 घंटे प्रदेश में बारिश की स्थिति बनी रहेगी.
किस डैम की क्या स्थिति
जानकारी के मुताबिक बारिश के चलते तवा डैम के 13 में से 13 गेट खोले गए है, इंदिरा सागर बांध के 22 गेट खोले गए है, ओम्कारेश्वर में 23 में से 21 गेट खोले गए, राजघाट के 18 में से 14 गेट खोले गए, बरगी के 21 में से 17 गेट खोले गए जबकि मंडला, पेंच बांध के सभी गेट खोले गए हैं.कहां सबसे ज्यादा बारिश
जबलपुर संभाग में छिंदवाड़ा और नरसिंहपुर में सबसे अधिक बारिश हुई है छिंदवाड़ा के बेलखेड़ा में 150 लोगो को सुरक्षित कैम्प में पहुंचाया गया है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की सभी टीम को एलर्ट किया गया है. भोपाल संभाग में सर्वाधिक बारिश रायसेन में इंदौर संभाग में खंडवा में सर्वाधिक बारिश इंदिरा सागर और ओम्कारेश्वर के गेट खोले गए अभी सरदार सरोवर हाई लेवल से 7 मीटर नीचे है संभाग के सभी जिलों में प्रशासन और सभी टीम अलर्ट पर है. सरकार नागपुर स्थित एयरफोर्स मुख्यालय से भी संपर्क में है.
सीएम के निर्देश
होशंगाबाद, जबलपुर, इंदौर सम्भाग के कमिश्नर स्थिति की समीक्षा लगातार करते रहे. अभी 48 घंटे प्रदेश में तेज बारिश की संभावना है. लिहाजा सतर्कता जरूरी है. सीएम ने कहा कि नर्मदा और उनकी सहायक नदियों के किनारे ध्यान दें. अधिकारी एनडीआरफ, एसडीआरएफ की टीम से संपर्क रखे निचले इलाकों में पानी न भरे इसके लिए सतत नज़र रखे बारिश के कारण लोग घिरे नहीं इसके लिए रेस्क्यू पहले ही किए जाए 10 दिन की एडवांस तैयारी रखी जाए तैयारी कोविड को ध्यान में रखकर करें. मुख्यमंत्री निवास में भी एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है. अधिकारी सीधे सीएम हाउस के कंट्रोल रूम में आवश्यक जानकारी ले और दे सकते हैं. एसडीआरएफ कंट्रोल रूम नंबर- 1079 वल्लभ भवन में भी कंट्रोल रूम बनाया गया है. डायल 100 पर भी मदद के लिए संपर्क किया जा सकेगा.