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- The Torrential Rains, Which Continued For 36 Hours, Had To Open All The Gates Of The Largest Kolar Dam For The First Time; Kaliyasot Water Entered Indus Empire Park Colony, Boats Left
भोपाल2 मिनट पहले
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राजधानी भोपाल में 24 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश के चलते कोलार डैम के सभी गेट खोल दिए गए हैं।
- राजधानी में 24 घंटे में 112 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, कई कॉलनियों का जन-जीवन प्रभावित हो गया है
- मूसलाधार बारिश से डैम ओवरफ्लो, पानी में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित जगहों पर भेजा जा रहा
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 घंटे से जारी बारिश ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में पानी घरों में घुस गया है। ऐसे में लोग रातभर सामान समेटते और खुद बचाते रहे। निचले इलाकों में लोगों ने बारिश से बिगड़े हालात के बाद लगातार दूसरी रात जागकर बिताई। रविवार सुबह 5.30 बजे तक 112 मिलीमीटर यानि 4 इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। 36 घंटे की बात करें तो अब तक राजधानी में करीब 8 इंच बारिश हो चुकी है।
भदभदा 7, कलियासोत के 8 गेट खुले रहे
भोपाल-सीहोर में लगातार बारिश से बड़ा तालाब लबालब हो गया, जिससे शनिवार को रात 12 बजे कलियासोत के सभी 13 गेट खोले जा चुके थे। देर रात 1:30 बजे तक भदभदा के सभी 11, कलियासोत के 13 और कोलार के 8 गेट खुले रहे। रात को बारिश नहीं होने से राहत मिली और कलियासोत के 8 और भदभदा के गेट कम करके 7 ही खुले हुए हैं।

इंडस एंपायर काॅलोनी में रात को एसडीआरएफ की टीम को यहां से लोगों को नाव के जरिए रेस्क्यू करना पड़ा। यहां गलियों में नाव चलाने की स्थिति बनी।

दामखेड़ा के ए-सेक्टर में भारी बारिश के बाद दीवार गिर गई।
इंडस कॉलोनी में 7 फीट तक पानी भरा
शहर में बारिश का कहर इतना ज्यादा है कि बावड़िया कला इलाके की इंडस एंपायर पार्क कॉलोनी में कलियासोत नदी का पानी घुस गया। यहां पर 7 फीट तक पानी भरा। कॉलोनी के कई घरों की एक मंजिल तक डूब गई। यहां पर एसडीआरएफ को नाव चलानी पड़ी। पांच परिवारों को नाव की मदद से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। बताया जा रहा है कि कुछ परिवार और भी वहां पर फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई, लेकिन देर रात तक वह नहीं पहुंच पाई थी।

देर तक कोलार के सभी 8 गेट खोल दिए गए। वहीं, कलियासोत, भदभदा डैम के गेट भी खोल दिए गए हैं।

हलाली के उफान ने रोका रास्ता तो छह साल के बीमार बच्चे को ट्रैक्टर से रास्ता पार कराकर हमीदिया हॉस्पिटल तक पहुंचाया।

इंडस एंपायर काॅलोनी में रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया।

भाेपाल से 15 किलाेमीटर दूर काेलार डैम राेड पर झिरी गांव में बेतवा के उद्गम स्थल पर बना मंदिर बारिश के पानी में घिर गया। इससे मंदिर के पुजारी समेत पांच युवक एक कमरे में फंस गए। दाेपहर बाद झिरी गांव के ग्रामीणाें ने रस्सी के सहारे रेस्क्यू किया।

शिवनगर भानपुर स्टेट शनिवार को ही बारिश के कारण रोड और घरों में पानी भर गया।

बाइक समेत नाले में बहे युवक को बाइक समेत बाहर सकुशल निकाला।

शनिवार को दिनभर हुई बारिश के कारण स्मार्ट रोड की पहाड़ी से झरना फूट पड़ा।

झरना फूटने के बाद बारिश बंद हुई तो लोग उसे निहारने पहुंच गए।
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