खंडवा13 मिनट पहले
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नर्मदा के ऊपरी क्षेत्रों में बारिश और सभी बांधों के गेट खुलने से नर्मदा हर जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसका विपरीत असर इंदिरा सागर बांध में भी पड़ा है। जिन खेतों में पूर्ण क्षमता (262.13 मीटर) पर भी बैक वाटर नहीं पहुंचता है उनमें खड़ी फसलों में पानी भर गया है। बीड़ क्षेत्र के सिंगाजी, शिवरिया, फेफरिया, सीवर टांडी सहित एक-दो अन्य गांवों के 25 से अधिक किसानों ने फसल डूबने की बात कही है। फेफरिया के किसान हरिराम पिता रामलाल ने बताया लगभग हमारी कटी हुई मूंग फसल डूब गई है। कपास तथा सोयाबीन के पौधे भी पानी के बीच खड़े हैं। अब यह सड़ जाएंगे। फेफरिया शोभाराम, नारायण, गोविंद, दिनेश, श्यामलाल, बुखारसिंह , शिवरिया के अनोपसिंह, सीवर टांडी के दिनेश आदि ने भी यही बात कही।
पटेल ने किया निरीक्षण
किसानों ने पूर्व विधायक तथा भाजपा नेता नारायण पटेल को भी समस्या बताई। वे तत्काल गांवों में पहुंचे और खेतों का निरीक्षण किया। खेतों में पानी भरा देख उन्होंने भी एसडीएम से चर्चा की। पटेल ने कहा जल्द ही पटवारी और अन्य अधिकारी आकर सर्वे करेंगे।
नर्मदा में बाढ़ ज्यादा है
हमने बांध का जलस्तर 262.13 मीटर ही रखा है। किसानों के खेतों में पानी इसलिए भरा है कि नर्मदा में बाढ़ का पानी ज्यादा है और बांध के पानी से टकराकर वापस जा रहा है। बांध का लेवल बनाए रखने के लिए गेट खोले गए हैं। कुछ घंटों में खेतों से पानी उतर जाएगा।
अनुराग सेठ, परियोजना प्रमुख, इंदिरा सागर बांध
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