जबलपुर4 मिनट पहले
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मध्य प्रदेश अतिथि शिक्षक समन्वयक समिति द्वारा शनिवार को सिविक सेन्टर पार्क में धरना-प्रदर्शन कर शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार द्वारा अतिथि शिक्षकों का 12 माह का सेवाकाल नहीं किया जा रहा है, न ही उन्हें नियमित किया जा रहा है और पिछले चार माहों से उन्हें वेतन भी नहीं मिला है। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम दिव्या अवस्थी को ज्ञापन सौंपकर माँग की गई कि अतिथि शिक्षको को 12 माह वेतन भुगतान किया जाये। प्रदर्शन में हेमन्त तिवारी, मनोज सतनामी, नेहा बंसल, केएल पटेल आदि उपस्थित रहे।
वेतन विसंगति दूर न होने से लिपिकों में आक्रोश
मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने बताया कि लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों की वेतन विसंगति एवं अन्य माँगों के लिए सरकार द्वारा रमेश चन्द्र शर्मा ( हाई पाॅवर कमेटी) समिति गठित की गई थी। समिति की अनुशंसाओं के बाद भी लिपिकों की माँगों का निराकरण नहीं हुआ है, जिससे प्रदेश के लिपिकों में आक्रोश व्याप्त है। संघ के योगेन्द्र दुबे, संजय यादव, अमित नामदेव, राबर्ट मार्टिन ने माँग की है कि वेतन विसंगति दूर कर सरकार अपना चुनावी वचन निभाये।
इलाज में लापरवाही से हो रही कोराेना मरीजों की मौत- पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एचपी उरमलिया ने बड़े ही दु:खी मन से कमिश्नर महेशचन्द्र चौधरी एवं कलेक्टर कर्मवीर शर्मा से आग्रह किया है कि शासकीय चिकित्सालयों में अब कोरोना का इलाज समुचित ढँग से नहीं होने से निरंतर मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिसमें विशेष रूप से उद्योग विभाग के ज्वाॅइंट डायरेक्टर श्री कुरील, एसके जैन सहायक संचालक कृषि, राजस्व निरीक्षक रांझी एवं प्रमोद सोनकर सेवानिवृत्त अधीक्षक राजस्व की मौत होने से यह प्रमाणित हो गया है कि मेडिकल में कोरोना का कोई इलाज नहीं हो रहा है। जबकि प्रदेश के अन्य महानगरों में ऐसी अव्यवस्था नहीं है। संगठन के अरुण सलारिया, शेषमणि पाण्डे ने कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज संभव नहीं है तो इनको बन्द कर दिया जाये।
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