श्योपुर13 घंटे पहले
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प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के विधायक बाबूलाल जंडेल भी शामिल थे। विरोध में उन्होंने शर्ट उतारी और दफ्तर में ही शीर्षासन करने लगे। शीर्षासन के दौरान विधायक ने भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताया।
जमीन के बदले चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने सोमवार को कलेक्टोरेट का घेराव कर दिया। इस मौके पर कांग्रेस विधायक बाबूलाल जंडेल भी थे। एसडीएम रुपेश उपाध्याय उनसे बातचीत करने पहुंचे, लेकिन किसानों उन्हेें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। किसानों ने कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव को बुलाने की मांग की। आधा घंटे तक कलेक्टर नहीं आए तो सभी ने कुर्ता और शर्ट उतारकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच विधायक बाबू जंडेल ने शर्ट उतारकर शीर्षासन शुरू कर दिया।
किसानों 2 घंटे तक प्रदर्शन किया। 1 घंटे बाद जब कलेक्टर आए, लेकिन वे नारेबाजी से नाराज हो गए और लौट गए। उन्होंने किसानों का ज्ञापन ही नहीं लिया। किसानों ने कलेक्टोरेट परिसर में ही ज्ञापन पढ़ा और इसके बाद उसे दीवार चस्पा कर दिया। विरोध के बीच पुलिस फोर्स को भी बुलाया गया, लेकिन जब तक फोर्स आई, तब तक प्रदर्शन ही खत्म हो चुका था।

विधायक के साथ कलेक्टोरेट परिसर में किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी और किसान।
मांग पूरी न होने पर सात दिन बाद सड़कों पर आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने कहा कि जो जमीनें सरकार उन्हें देने जा रही है। उन पर पहले से ही कब्जा है। यहां विकास ही बात नही हो रही है बल्कि, किसानों के विनाश की बात की जा रही है। क्योंकि कब्जे वाली जमीनों पर किसानों को एक-दूसरे के खिलाफ ही लड़ना पड़ेगा। किसान ऐसा बिल्कुल नहीं कर सकते है। बेहतर है कि उन्हें गाइडलाइन के अनुसार जमीन के बदले चार गुना मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अगर सात दिन के भीतर किसानों की मांग पूरी नही होती है तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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