ग्वालियर20 घंटे पहले
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तिघरा बांध का लेवल 4 दिन से 737.25 फीट पर स्थिर
- मौसम विभाग का कहना है कि 12 से 18 सितंबर के बीच ही मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना
राजस्थान के ऊपर हवा का रुख धीरे-धीरे बदलना शुरू हो गया है। राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र से मानसून की विदाई शुरू होगी। एक साल बाद फिर से बारिश का कोटा पूरा हुए बिना ही मानसून विदाई ले रहा है। ग्वालियर-चंबल संभाग से मानसून 20 सितंबर के बाद विदाई लेना शुरू कर देगा। मौसम विभाग का कहना है कि 12 से 18 सितंबर के बीच ही मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना है। बारिश इतनी नहीं होगी जिससे मानसून बारिश का कोटा पूरा हो सके। शहर का बारिश का कोटा 790.6 मिमी है। जबकि अब तक बारिश 517.5 मिमी हुई है।
मानसून ने समय पर दी थी दस्तक
मानसून ने इस बार समय पर दस्तक दी थी। लेकिन बंगाल की खाड़ी में सिस्टम जून से जुलाई के बीच नहीं बने। जिस कारण इस बार बारिश ग्वालियर-चंबल संभाग में कम हुई। अगस्त में औसत दर्जे की बारिश हुई है। सितंबर में भी मानसून ने निराश करना शुरू कर दिया है। मप्र के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में सितंबर में 17% ज्यादा बारिश हुई है। वहीं ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग में 7% बारिश कम हुई है।
दिन-रात का पारा सामान्य से ऊपर पहुंचा
अभी कोई सिस्टम सक्रिय नहीं है। इससे 12 सितंबर तक केवल स्थानीय स्तर पर ही बारिश हो सकती है। पिछले दिन की तुलना में अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री गिरावट के साथ 35.6 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री बढ़त के साथ 26.4 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक रहा।
इस बार बारिश कम होने का कारण अलनीनो का उदासीन हाेना है
मानसून राजस्थान के पश्चिमी हिस्से से दूसरे सप्ताह के अंत तक विदाई लेगा। जबकि ग्वालियर-चंबल संभाग से 20 सितंबर के बाद मानसून का विड्राल शुरू हो जाएगा। वहीं मप्र के बचे हुए हिस्से से सितंबर के चौथे सप्ताह तक विदाई ले लेगा। 12 से 18 सितंबर के बीच मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। केवल स्थानीय स्तर पर बारिश होने की संभावना है। बारिश कम होने का कारण अलनीनो का उदासीन हाेना है। इस बार ग्वालियर सहित प्रदेश के 4 एयरपोर्ट, 18 तीर्थ स्थान व प्रदेश के 52 जिलों में मौसम का पूर्वानुमान जारी किया गया था।

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