इंदौर में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक बीते 7 सितंबर को एक दिन में 14 मौत का मामला सामने आया तो डॉक्टरों ने रिकाॅर्ड चेक कराया. इस रिकॉर्ड में ही 7 दिन में 70 मौतों का खुलासा हुआ है. इन आंकड़ों में इंदौर के अलावा आसपास के जिलों के मरीज भी शामिल होने बताए जा रहे हैं.
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इसलिए दर्ज नहीं हो रही मौतेंमीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट के बाद ही होती है. बताया जा रहा है कि आसपास के जिलों में इस जांच की सुविधा नहीं है. ऐसे में मरीजों में लक्षण या ज्यादा तकलीफ होने के बाद कोविड अस्पताल में ही रेफर कर दिया जा रहा है. अस्पताल पहुंचने में देरी के कारण भी मरीजों की मौत हो जा रही है. ऐसे में रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद ही उसे कोविड के आंकड़ों में शामिल किया जाता है. इतना ही नहीं एमटीएच के डॉक्टर्स का कहना है कि अस्पताल में मरने वाले 80 फीसदी मरीज नॉन-कोविड हैं. इसके अलावा 50 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिनकी एक-दो दिन में ही मौत हो गई. इतना ही नहीं 15 प्रतिशत मरीजों की मौत अस्पताल आने के तीन से छह घंटे में ही हो गई.
इंदौर में 287 नए मरीज
बीते 8 सितंबर को जारी कोविड बुलेटिन के मुताबिक इंदौर में 287 नए मरीजों की पहचान की गई. यहां एक दिन में पांच लोगों ने दम तोड़ दिया. जबकि 2550 सैंपल की जांच में 2247 निगेटिव मिले. जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 4301 हो गई है. अब तक कुल 15452 मरीज हो चुके हैं. मंगलवार को जितने संक्रमित मिले, उनमें जिला कोर्ट के एक जज भी शामिल हैं.