Seven hours of oxygen crisis in Amaltas | अमलतास में सात घंटे ऑक्सीजन संकट

Seven hours of oxygen crisis in Amaltas | अमलतास में सात घंटे ऑक्सीजन संकट


देवास22 मिनट पहले

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  • आपदा में अमानवीयता पर उतरे ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लायराें के कारण काेराेना मरीजाें की जान खतरे में

देवास के अमलतास हाॅस्पिटल काे चार जिलाें (देवास, उज्जैन, शाजापुर और आगर मालवा) का काेविड 19 सेंटर बनाया गया है। यहां बुधवार सुबह 7 घंटे तक ऑक्सीजन संकट रहा। ऑक्सीजन सिलेंडराें की कमी और उनमें प्रेशर कम हाेने की वजह से काेराेना मरीजाें काे रात 2 से 9 बजे तक नाॅन इनवेसिव वेंटिलेटर से कम मात्रा में ऑक्सीजन मिली। मरीज घबरा गए और कई के परिजन हाॅस्पिटल पहुंच गए। गनीमत रही कि इस दाैरान किसी मरीज की जान ऑक्सीजन की कमी से नहीं गई। अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी की बात स्वीकारी है। जबकि देवास प्रशासन का कहना है कि ऑक्सीजन की काेई कमी नहीं आई है। ऑक्सीजन सिलेंडर की डिमांड ज्यादा हाेने से सप्लायर जहां पैसा ज्यादा मिल रहा है, वहां सप्लाय कर कृत्रिम संकट पैदा कर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले कई दिनाें से अस्पताल काे समय पर ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं और मरीजाें की जान पर आ रही है। आगर मालवा से युवक ने बताया, माताजी की तबीयत खराब हाेने पर पहले उज्जैन के अस्पताल में लेकर गया। वहां से तीन दिन पहले देवास के अमलतास अस्पताल में रैफर कर दिया। मंगलवार रात में ऑक्सीजन की कमी हाेने पर मां घबराने लगी, जिसे मैं देख नहीं पा रहा था। मेरे अलावा अन्य भर्ती मरीज के परिजनाें ने अस्पताल में प्रबंधन से ऑक्सीजन का कहा लेकिन रात के बजाय बुधवार सुबह इंतजाम हाे सका।

सीएमएचओ का दावा-ऑक्सीजन की कमी नहीं हुई, अस्पताल प्रबंधन ने माना- कुछ सिलेंडर में प्रेशर कम हो गया था

कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला काे ऑक्सीजन खत्म हाेने की जानकारी मिली ताे उन्हाेंने सीएमएचअरे डाॅ. एमपी शर्मा काे अमलतास भेजा। सुबह 9 बजे सीएमएचओ डॉ. शर्मा, सिविल सर्जन डॉ. अतुल बिडवई, सहायक अस्पताल प्रबंधक धर्मेन्द्र जाट की टीम ने अस्पताल पहुंची। सीएमएचओ शर्मा ने कहा मंगलवार को 156 मरीज भर्ती थे, जिन्‍हें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिल रही थी। अस्पताल में 400 ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता थी, आवश्यकता अनुसार रिजर्व स्‍टॉक सिलेंडर का उपयोग किया गया। अतिरिक्त स्‍टॉक के लिए 150 ऑक्सीजन सिलेंडर रखे जाते हैं, रात में रिफिलिंग के लिए 150 सिलेंडर की गाड़ी भाेपाल से आते समय खराब होने से लेट हुई थी। जिला प्रशासन ने तत्काल जिला अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था करा दी।

अमलतास हाॅस्पिटल के सीईओ डाॅ. जगत रावत का कहना है यह बात जरूर है कि ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाय कम मिल रही है लेकिन रात में अस्पताल में 200 सिलेंडर का बैकअप था। ऑक्सीजन का प्रेशर कुछ सिलेंडराें में ही प्रेशर कम हाेने से रहा। फिर भी इतना प्रेशर था कि किसी मरीज काे सांस लेने में दिक्कत आए। कमी की वजह से किसी की माैत नहीं हुई है। सप्लायराें की मनमानी के कारण हमें समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। प्रतिदिन 200 सिलेंडर लग रहे हैं। इंदाैर के 3 व भाेपाल का 1 सप्लायर हमारे अस्पताल में ऑक्सीजन भेजते हैं। सप्लायर पहले एक सिलेंडर 230 का देते थे, जिसे बढ़ाकर 350 रु. कर दिया है। इसके बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं भेज रहे हैं। ज्यादा पैसा देने पर हमारे ऑर्डर के सिलेंडर वहां भेज देते हैं और हमारे सामने बहाने बनाते हैं।

बेटा मेरी सांस उखड़ रही है, तू जल्दी अा जा

उज्जैन से देवास के अमलतास लाकर भर्ती किए गए मरीज के बड़े बेटे ने बताया, रात करीब 2.30 बजे मेरे पास अस्पताल में भर्ती पिताजी का फाेन आया, उन्हाेंने कहा, बेटा ऑक्सीजन कम हाेने से मेरी सांस उखड़ रही है। तू जल्दी आ जा, नहीं ताे मैं मर जाऊंगा। मैं रात में ही उज्जैन से देवास अस्पताल पहुंचा। सभी मरीज ऑक्सीजन की कमी के चलते घबरा रहे थे। बुधवार सुबह करीब 10 बजे दबाव के साथ ऑक्सीजन आया तब जाकर मरीजाें की मशीनाें में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ी। कुछ मरीजाें के अटेंडर नीचे से ऑक्सीजन के बड़े-बड़े बाॅटल उठाकर वार्ड में लाए और मरीजाें के पास लगा दिए।

रात में की भागदाैड़, सुबह हाे सका इंतजाम

देवास के गजरा गियर्स चाैराहे क्षेत्र की एक महिला पिछले छह दिनाें से सांस लेने में तकलीफ हाेने से अमलतास अस्पताल में भर्ती हैं। रात करीब 2 बजे ऑक्सीजनका प्रेशर कम हाेने की जानकारी मिलने पर उनके बेटे ने रात में ही भागदाैड़ शुरू कर दी लेकिन ऑक्सीजन का दबाव नहीं बढ़ा। उनके बेटे ने बताया सुबह 9 बजे जिला अस्पताल से कुछ सिलेंडर आए और ऑक्सीजन का पर्याप्त दबाव मिलने लगा। नाहर दरवाजा क्षेत्र की भर्ती महिला के परिजनाें ने बताया रात में ऑक्सीजन नहीं मिलने पर वे घबरा गई थीं, समय पर इंतजाम नहीं हाे सका।

एक रात में 4 मरीजाें ने दम ताेड़ा, एक भी काेराेना पाॅजिटिव नहीं
देवास | अमलतास अस्पताल में उपचार करवा रहे चार मरीजाें की इलाज के दाैरान मंगलवार रात में मृत्यु हाे गई। परिजनाें ने अस्पताल प्रबंधन पर सही इंतजाम नहीं करने के आराेप लगाए और शिकायत अधिकारियाें से की गई। शिकायत मिलने पर कलेक्टर चंद्रमाैली शुक्ला ने अस्पताल के निरीक्षण करने का आदेश सीएमएचओ डाॅ. एमपी शर्मा काे दिया गया। जिन्हाेंने बुधवार सुबह अस्पताल का निरीक्षण कर सारी जानकारी जुटाई गई।
डाॅ. शर्मा ने बताया, अस्पताल में मंगलवार काे भर्ती 4 मरीजों की मृत्यु काेराेना पाॅजिटिव रहते हुए नहीं हुई, अन्य कारणों से हुई है। मृतक शांताबाई 65 पति सत्यनारायण गिरी निवासी शाजापुर मंगलवार काे भर्ती हुई, जिनकी उपचार के दौरान डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के कारण माैत, इनकी रिपोर्ट नेगेटिव, अशोक 42 पिता नानुराम कुमावत निवासी उज्जैन मंगलवार काे भर्ती हुए, इनकी मृत्यु किडनी की बीमारी एवं क्रोनिक एल्कोहलिक के कारण हुई, रिपोर्ट नेगेटिव, जुब्बो बी 74 पति शेरअली निवासी एमजी रोड कन्नाैद 31 अगस्त से इनका उपचार अस्तताल में चल रहा था, मृत्यु मल्टी ओरगन फेलिवर के कारण हुई, रिपोर्ट नेगेटिव, आनंदराव 52 निवासी साेनकच्छ की मृत्यु निमोनिया, क्रोनिक, ब्लड प्रेशर के कारण हुई और इनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
शुरू में घर पर कराते हैं इलाज, फिर पहुंचते हैं अस्पताल: अमलतास अस्पताल के सीईओ जगत रावत का कहना है कि मरीज अस्पताल में उपचार करवाने के बजाय अपने घराें में इलाज करवा रहे हैं। जब उनकी तबीयत ज्यादा खराब हाे जाती है तभी बड़े अस्पतालाें में पहुंचते हैं। हमारे अस्पताल में गंभीर केस एनवक्त पर आते हैं, जिन्हें हमारे डाॅक्टर बचाने का पूरा प्रयास करते हैं। मरीज समय पर अस्पताल आएं ताे डाॅक्टर संभाल सके।

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