जबलपुर43 मिनट पहले
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प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में रेस्टॉरेंट को ध्वस्त करतीं निगम की जेसीबी। (इनसेट) में सुबह के वक्त “दरबार’ के सामने मौजूद निगम और पुलिस कर्मी।
- 10 हजार वर्गफीट से ज्यादा में फैला रेस्टाॅरेंट जमींदोज, माफिया दमन दल की बड़ी कार्रवाई, बिना परमीशन के 3 करोड़ खर्च करके किया गया था निर्माण
आम तौर पर शाम ढलने के बाद लगने वाले दरबार में सुुबह-सुबह सरकारी महकमे ने हाजिरी लगाई, लेकिन यह दरबार भी अलग किस्म का रहा और हाजिरी भी कुछ अलग रही। दरअसल, नौदरा ब्रिज स्थित गुरुनानक कन्या शाला के सामने बने दरबार रेस्टाॅरेंट पर प्रशासन, पुलिस और नगर निगम का अमला सुबह होते ही टूट पड़ा। एक साथ 4 बुल्डोजर दरबार पर उतार दिए गए। महज एक घंटे के भीतर पूरा 10 हजार वर्गफीट से ज्यादा में बना रेस्टाॅरेंट जमींदोज हो गया।
बिना नक्शा पास किये बनाये गये इस रेस्टाॅरेंट में 3 करोड़ रुपये के लगभग खर्च हाेने की बात की जा रही है। नगर निगम ने रेस्टाॅरेंट संचालक को कई बार नोटिस भी दिया, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो शुक्रवार को सुबह माफिया दमन दल की टीम ने मोर्चा सँभाला और यह बड़ी कार्रवाई की। रेस्टाॅरेंट पर कार्रवाई करने की प्लानिंग रात में ही वरिष्ठ अधिकारियों ने कर ली थी और सुबह से ही अपर कलेक्टर संदीप जीआर के नेतृत्व में कार्रवाई करने पहुँच गये थे। जिसमें एसडीएम नम: शिवाय अरजरिया, आशीष पांडे, एएसपी अमित कुमार, सीएसपी आरडी भारद्वाज, अपर आयुक्त रोहित सिंह कौशल, अतिक्रमण दल प्रभारी सागर बोरकर सहित कई अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम मौजूद थी।
प्रशासन का दावा रज्जाक का लगा था पैसा
नौदरा ब्रिज क्षेत्र में बने इस रेस्टाॅरेंट का संचालन यश जैन और हर्ष जैन द्वारा किया जा रहा था, लेकिन इस रेस्टाॅरेंट में अब्दुल रज्जाक का पैसा लगे होने की बात अपर कलेक्टर द्वारा की गई है। वहीं पुलिस के अनुसार रज्जाक पर एनएसए सहित कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। यही वजह है कि माफिया दमन दल की लिस्ट में यह अवैध निर्माण भी शामिल था। उधर अब्दुल रज्जाक का कहना है कि न उनकी जमीन थी और न ही उनका पैसा रेस्टॉरेंट में लगा था। उन्हें बेवजह भू-माफिया बताया जा रहा है।
पूरे रास्ते कर दिए गए थे बंद
अवैध निर्माण कर बनाए गए इस रेस्टॉरेंट पर कार्रवाई करने से पहले ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने मोर्चा सँभाल लिया था। नौदरा ब्रिज से जाने वाले और करमचंद चौक से आने वाले मार्ग के साथ ही नया मोहल्ला और सिविक सेंटर को जोड़ने वाले सभी रास्तों को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया था। पूरे मामले को लेकर संभागायुक्त महेशचंद्र चौधरी, आईजी बीएस चौहान, कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा सहित अन्य अधिकारी नजर रखे हुए थे और दिशा-निर्देश दे रहे थे। कार्रवाई के दौरान भारी भीड़ भी जमा हो गई थी। भीड़ को अलग करने में पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
संचालकों ने कहा-क्यों तोड़ा पता नहीं
दरबार रेस्टाॅरेंट का संचालन करने वाले यश जैन और हर्ष जैन ने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि संपत्ति उनके नाम पर दर्ज है। नगर निगम द्वारा 2018 में नोटिस दिया गया था जिसका जवाब वे दे चुके हैं। कम्पाउंडिंग का प्रकरण पिछले 10 माह से ननि में लंबित है। उनके साथ एक अन्य पार्टनर भी हैं जिनका नाम शरद जैन है। रेस्टाॅरेंट को क्यों तोड़ा यह उन्हें भी नहीं पता।
इस संबंध में अधिकारियों से चर्चा की जायेगी और कानूनी विशेषज्ञों से राय ली जायेगी कि इस मामले में वे क्या कर सकते हैं। वहीं नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि निगम में नक्शा पास कराने सहित अन्य आवेदन प्रक्रियाएँ भी ऑनलाइन हैं। संबंधित द्वारा अगर कोई आवेदन किया गया होगा और मंजूर नहीं हुआ है तो दस्तावेज पूरे नहीं होंगे जिसके कारण उनका आवेदन अस्वीकृत हुआ होगा।
माफिया दमन दल द्वारा अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई की गई है। बिना परमीशन के रेस्टाॅरेंट बनाया गया था, उन्हें नोटिस भी जारी किये गये थे। इसमें अब्दुल रज्जाक का पैसा भी लगा था। उस पर विभिन्न धाराओं के तहत मामले भी दर्ज हैं।
-संदीप जीआर, अपर कलेक्टर
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