मध्य प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. सांकेतिक फोटो.
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना संक्रमित (Covid-19) मरीजों की संख्या 88 हजार के पार पंहुच गई है. पूरी तरह से लॉकडाउन (Lockdown) हटने के बाद महीने भर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा दोगुनी स्पीड से बढ़ता जा रहा है.
इस नई व्यवस्था से जरूरत मंद मरीजों को अस्पतालों में बेड और उपचार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. गंभीर मरीज़ों के लिए बेड ज़रूरीस्वास्थ्य आयुक्त के जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना संक्रमित मरीजों की स्थिति लगातार तीन-चार दिन तक सामान्य रहे तो उसे मौजूदा अस्पताल से निचली श्रेणी की संस्था मे शिफ्ट किया जाए. इससे अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता बनी रहेगी. राजधानी के अस्पतालों की बात करें तो रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अस्पतालों में ऐसे संक्रमित भर्ती हो रहे हैं, जिन्हें कोई लक्षण नहीं हैं. ऐसे एसिम्टोमेटिक मरीजों के अस्पताल में एडमिट होने की वजह से जरूरतमंद गंभीर मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं.
इस तरह निकाला हल
डाउन ट्रांसफर की व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य विभाग ने इस समस्या का हल निकाला है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए जिम्मेदारों का कहना है कि अभी उन बेड की गंभीर मरीजों को ज्यादा जरूरत है जो ऑक्सीजन वेंटिलेटर युक्त हैं. सरकार की ओर से अब जो वार्ड बनाए जा रहे हैं. जरूरत है आईसीयू वार्ड में ऑक्सीजन वेंटिलेटर की सुविधा मुहैया कराई जाए. ताकि गंभीर मरीजों के ट्रीटमेंट में कोई असुविधा ना हो.ऐसे किए जाएंगे मरीज ट्रांसफर
डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में संक्रमित मरीज को तीन दिनों से यदि बुखार न आया हो और बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के बीते 4 दिनों से ऑक्सीजन सेच्युरेशन 95 फीसदी से ज्यादा हो तो उन्हें डीसीएचसी में डाउन ट्रांसफर किया जाएगा. डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में यहां भर्ती मरीज को बीते तीन से बिना दवा दिए बुखार न आये और तापमान सामान्य हो, सांस लेने में परेशानी न हो साथ ही ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत न हो तो उन्हें कोविड़ केयर सेंटर या होम आईसोलेशन में डाउन ट्रांसफर किया जाएगा.