हरदा11 मिनट पहले
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- अप्रैल में 3, जून में 28, जुलाई में 171, अगस्त में 230, सितंबर के 13 दिन में 215 केस मिले
अनलाॅक के बाद लाेग लापरवाह हाे गए हैं। इस कारण लगातार लाेग संक्रमित हाे रहे हैं। रविवार काे एक दिन में सबसे अधिक 45 काेराेना के मरीज मिले। अब तक जिले में 647 संक्रमित हाे चुके हैं। काेराेना से 14 की माैत हुई है। लेकिन राहत की बात यह है कि 492 लाेग ठीक हाे चुके हैं। रिकवरी दर 76 प्रतिशत है। 141 सक्रिय केस हैं।
सीएमएचओ डाॅ. केके नागवंशी ने बताया कि रविवार काे 45 रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसमें हरदा, टिमरनी, खिरकिया शहर व गांव के मरीज शामिल हैं। उन्होंने बताया रविवार काे 17 लाेग काेराेना से ठीक हुए। वहीं नई गाइड लाइन के मुताबिक शहर में साेमवार से बिना लक्षण वाले काेराेना पॉजिटिव मरीजाें काे घराें में ही हाेम आइसोलेट किया जाएगा। लक्षण नजर नहीं अाने पर 7 दिन बाद उन्हें काेराेना मुक्त मानकर छुट्टी दे दी जाएगी।
15 साल से कम के 6 मिले संक्रमित : जिले में एक साथ 6 बालक-बालिकाएं संक्रमित मिले हैं। इसमें हरदा के सुभाष वार्ड की 1 वर्ष का बालक, महाराणा प्रताप काॅलाेनी 6 साल का बालक, 12 साल का चाैबे काॅलाेनी का बालक, मसनगांव की 3 वर्ष की बालिका, जुटपुरा का 11 साल का बालक और खिरकिया का 7 वर्ष का बालक शामिल है।
पार्टीशन की दीवार गलत बनाई, अब ट्रामा सेंटर में 7 दिन बाद शुरू हाेगा आईसीयू
जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में बन रहा 10 बेड का आईसीयू अब सात दिन बाद शुरू हाे पाएगा। कारीगर की गलती से आईसीयू और 20 बेड के वार्ड में बनने वाली पार्टीशन की दीवार गलत जगह बना दी। अब उसे ताेड़ा जाएगा, उसे बनाने में 7 दिन लगेंगे। हालांकि, आईसीयू में सेंट्रल ऑक्सीजन लाइन डाल दी गई है, फिटिंग हाे गई है। कुछ जगह सिलिंग का काम बाकी है। इसी तरह काेविड मरीजाें के लिए बनने वाला चढ़ाव का रास्ता ट्रामा सेंटर के अंदर की ओर से बनना है। इसका काम भी इसी सप्ताह में पूरा हाे जाएगा। जिससे मरीज और उनके परिजनों को इलाज कराने में सुविधा मिल जाएगी। सिविल सर्जन डाॅ. शिरीष रघुवंशी ने कहा कि 7 दिन में आईसीयू का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद सांस लेने में तकलीफ वाले काेराेना मरीजाें काे भाेपाल भेजने की जरूरत नहीं हाेगी।
सितंबर में अब तक मिले 215
जिले में अप्रैल के अंतिम सप्ताह में भटपुरा में काेराेना के तीन मरीज मिले थे। लाॅकडाउन के दाैरान मई में एक भी मरीज नहीं मिला। लेकिन अनलाॅक-1 के जून माह में 28 मरीज मिले। एक की माैत भी हुई। इसके बाद जुलाई में 171 और अगस्त में 230 पॉजिटिव मिले। अगस्त तक 10 लाेगाें की काेराेना से माैत हाे चुकी थी। सितंबर के 13 दिन में 215 मरीज मिले चुके हैं। इसी माह में 4 काेराेना लाेगाें की माैत हाे गई।
यह लापरवाही बरत रहे
- दुकानाें व शाेरूम में अंदर घुसकर सामान काे छू रहे हैं लाेग।
- फल, सब्जी खरीदते समय लाेग हाथ से चेक कर रहे हैं।
- सार्वजनिक स्थलाें पर साेशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हाे रहा।
- बाइक व ऑटाे में क्षमता से अधिक बैठ रहे लाेग।
- सावधानी बरतें : अब संक्रमण से बचने के लिए बेवजह घर से बाहर न निकले। बाहर निकलना जरूरी है ताे मास्क पहनकर ही निकले।
काॅल सेंटर से होगी मॉनिटरिंग
नई गाइड लाइन के मुताबिक बिना लक्षण के मरीजाें काे घर में रखा जाएगा। लक्षण नजर नहीं आने पर 7 दिन बाद उन्हें काेराेना मुक्त मान लिया जाएगा। उनके हालचाल जानने के लिए ट्रामा सेंटर में जिला काेविड कंट्राेल रूम बनाया है। राेजाना मरीजाें काे काॅल कर उनकी तबीयत पूछी जाएगी। तकलीफ हाेने पर तत्काल एंबुलेंस भेजकर काेविड सेंटर में भर्ती किया जाएगा। सिविल सर्जन डाॅ. रघुवंशी ने बताया कि ट्रायल के ताैर पर रविवार काे ही व्यवस्था शुरू कर दी है।
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