नई दिल्ली: रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin), ये नाम दिमाग में आते ही तस्वीर सी बन जाती है उस गेंदबाज की, जिसके रहस्यमयी कैरम बॉल ने वर्ल्ड क्रिकेट में लगभग सभी बल्लेबाजों को नचाकर रखा हुआ है. भारतीय स्पिन परंपरा ही नहीं बल्कि विश्व क्रिकेट के सबसे बेहतरीन स्पिनरों में से एक बन चुके अश्विन आज यानि 17 सितंबर को अपना 34वां जन्मदिन मना रहे हैं. आइए जानते हैं कि इस महान ऑलराउंडर के जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें.
Us trying to pick one adjective for Ashwin is like batsmen trying to pick his variations
Keep bamboozling us all with your skill, wit, and intellect
Happy Birthday, @ashwinravi99 YehHaiNayiDilli pic.twitter.com/FxN4WOvEnJ
— Delhi Capitals (@DelhiCapitals) September 16, 2020
ओपनिंग बल्लेबाजी से शुरुआत, बन गए एक्सपर्ट स्पिनर
अश्विन ने बचपन में अपनी क्रिकेट एक ओपनिंग बल्लेबाज के तौर पर शुरू की थी. लेकिन 14 साल की उम्र में उन्हें कूल्हे में एक खतरनाक फ्रैक्चर से गुजरना पड़ा और वे 8 महीने के लिए क्रिकेट से बाहर हो गए. वापसी में बल्लेबाजी करते हुए परेशानी हुई तो अपनी मां चित्रा की सलाह पर उन्होंने स्पिन गेंदबाजी ज्यादा शुरू की, जिसमें वे शानदार तरीके से सफल रहे.
अश्विन है असली नाम, रविचंद्रन है पिता का नाम
रविचंद्रन अश्विन नाम होने के कारण कई बार कंफ्यूजन हो जाता है कि इसमें उनका असली नाम क्या है, लेकिन आपको बता दें कि ‘अश्विन’ ही इस ऑफ स्पिनर का असली नाम है. ‘रविचंद्रन’ उनके पिता का नाम है, जो पारिवारिक परंपरा के कारण उनके नाम से पहले जोड़ा जाता है.
मां ने मेंटॉर बनकर सुधारा करियर
अश्विन के पिता रविचंद्रन को अधिकतर समय अपनी नौकरी के कारण बाहर रहना पड़ता था. इस कारण उनकी मां चित्रा उन्हें प्रैक्टिस के लिए एकेडमी लेकर जाती और मैचों के लिए भी उनके साथ दूर-दूर तक सफर करती थीं. खुद अश्विन एक बार कह चुके हैं कि मां नहीं होती तो उनका करियर इतना सफल नहीं होता.
बचपन की गर्लफ्रेंड को बनाया लाइफ पार्टनर
अश्विन ने अपनी बचपन की गर्लफ्रेंड प्रीति नारायण से शादी की है. ये शादी उन्होंने साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेलने के फौरन बाद की थी. दोनों अब भी पति-पत्नी से ज्यादा अच्छे दोस्त हैं और उनकी ये दोस्ती सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के लिए पोस्ट किए जाने वाले मैसेजों में देखी जा सकती है.
ट्रायल में नहीं कराते थे गेंदबाजी स्कूल के कोच
अश्विन को उनके कोच स्कूल के दिनों में किसी भी ट्रायल के लिए ऑफ स्पिन गेंदबाजी करने से रोकते थे, क्योंकि उनका चयन बल्लेबाजी के चलते टीम में आसानी से हो जाता था. यदि वो गेंदबाजी भी करते तो सलेक्टर किसी अन्य ऑफ स्पिनर को नहीं चुनते, जो एक खिलाड़ी का चांस कम कर देता.
गेंदबाजी करने पर अंगुली काटने की धमकी
अश्विन ने एक बार मीडिया को बताया था कि बचपन में चेन्नई में एक टेनिस बॉल टूर्नामेंट खेल रहे थे तो विपक्षी टीम के खिलाड़ियों ने उनका घर के बाहर से बुलेट पर अपहरण कर लिया था. उन्हें मैच में खेलने पर अंगुली काटने की धमकी दी गई थी और पूरे मैच में एक टी-स्टॉल पर बैठाए रखा था.
— Russel Arnold (@RusselArnold69) September 16, 2020
पहले ही टेस्ट में लिए थे 9 विकेट
इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन से टीम इंडिया की टी20 टीम में आने वाले अश्विन ने पहला टेस्ट मैच 6 नवंबर, 2011 को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था. उन्होंने मैच में 9 विकेट लिए थे, जो अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे किसी भारतीय गेंदबाज का दूसरा बेस्ट प्रदर्शन था. उनसे बेहतर प्रदर्शन पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज के ही खिलाफ 1988 में 16 विकेट लेने वाले नरेंद्र हिरवानी (Narendra Hirwani) ने किया था. अश्विन इस टेस्ट में ‘मैन ऑफ द मैच’ भी रहे थे.
विकेट लेने में सबसे तेज भारतीय
अश्विन को विकेट लेने में सबसे तेज भारतीय गेंदबाज कहा जा सकता है. उन्होंने 50, 100, 150, 200, 250, 300 और 350वां टेस्ट विकेट भारत के लिए सबसे कम टेस्ट मैच खेलकर लेने का कारनामा किया. यहां तक कि वे 200वां विकेट और 350वां विकेट लेने में दुनिया के दूसरे सबसे तेज गेंदबाज बने थे, जबकि 250वां और 300वां टेस्ट विकेट लेने में टेस्ट मैचों कि गिनती के लिहाज से दुनिया के सभी गेंदबाजों को पछाड़ दिया था.
ऑलराउंड डबल का भी करिश्मा
अश्विन ने अपने 11वें टेस्ट मैच में 500 रन पूरे कर लिए थे और वे ऑस्ट्रेलिया के जैक ग्रेगरी व इंग्लैंड के इयान बॉथम के बाद 11वें टेस्ट में 500 रन व 50 विकेट का टेस्ट डबल बनाने वाले मात्र तीसरे खिलाड़ी थे. अश्विन एक सीजन में अपने घरेलू पिचों पर सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने का दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन (Dale Steyn) का रिकॉर्ड भी तोड़ चुके हैं.
2 बार टेस्ट में शतक के साथ पारी में 5 विकेट भी लेने वाले अकेले भारतीय
अश्विन ने अपने करियर में 2 बार टेस्ट मैच में शतक बनाने के साथ ही पारी में 5 विकेट भी लिए हैं और वे ये कारनामा करने वाले अकेले भारतीय ऑलराउंडर हैं. विश्व क्रिकेट में भी ये कारनामा आज तक 26 खिलाड़ी ही कर पाए हैं.
Fastest Indian and joint fastest (overall) to Test wickets
Fourth highest wicket-taker for TeamIndia in TestsHappy birthday to our very own @ashwinravi99.
Here’s an Ashwin classic you can relive on his special day.
— BCCI (@BCCI) September 17, 2020
सबसे जल्दी 25 बार पारी में 5 विकेट
अश्विन ने पारी में 5 विकेट 25 बार लेने का कारनामा सबसे कम पारियों में करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था. उन्होंने अपने 47वें टेस्ट मैच की 89वीं पारी में यह रिकॉर्ड बनाया था.
आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड
अश्विन को वर्ष 2016-17 में प्रदर्शन के लिए ‘आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड दिया जा चुका है. वे ये अवॉर्ड हासिल करने वाले तब महज तीसरे भारतीय क्रिकेटर बने थे. इसके अलावा उन्हें अपने खेल के लिए ‘अर्जुन अवॉर्ड’ भी मिल चुका है.
400 टेस्ट विकेट के हैं करीब
अश्विन अब तक अपने करियर में 71 टेस्ट मैच खेलकर 4 शतक के साथ 2,389 रन बना चुके हैं और उनके खाते में 365 टेस्ट विकेट शामिल हैं. वे पारी में 5 विकेट 27 बार और मैच में 10 विकेट 7 बार लेने का करिश्मा कर चुके हैं. वनडे क्रिकेट में भी उन्होंने 111 मैच में 675 रन बनाने के साथ ही 150 विकेट लिए हैं, जबकि टी20 क्रिकेट में वे 46 मैच में 123 रन बनाने के साथ 52 विकेट ले चुके हैं. हालांकि बेहतरीन खेल दिखाने के बावजूद सीमित ओवर क्रिकेट के लिए टीम इंडिया में लंबे समय से उनका चयन नहीं किया जाता और अब वो पूरा ध्यान टेस्ट क्रिकेट पर ही लगा रहे हैं. जिसमें वे 400 विकेट लेने के बेहद करीब हैं.