People are coming out of the reports even after the accident, the river and drain are still in spate | हादसे होने के बाद भी रपटों से निकल रहे हैं लोग, अभी भी उफान पर हैं नदी और नाले

People are coming out of the reports even after the accident, the river and drain are still in spate | हादसे होने के बाद भी रपटों से निकल रहे हैं लोग, अभी भी उफान पर हैं नदी और नाले


आष्टा18 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
  • लगातार बारिश के कारण पार्वती व पपनास नदी में चल रहा तेज बहाव

पिछले तीन दिनों से नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में तेज बारिश का सिलसिला बना हुआ है। जिससे उससे जुड़ी छोटी नदियां, नाले, पुलियाओं पर पानी तेज बहाव में बहने के बाद भी लोग खतरा उठाकर निकल रहे हैं। जबकि कई बार गंभीर हादसे हो चुके हैं। उसके बाद भी बाइक व चार पहिया वाहनों का निकलना भी जारी है। वहीं नदी व रपटों के पुलों पर संकेतक बोर्ड व रेलिंग भी नहीं हैं। इस कारण हादसों की संभावना बनी रहती है। दो दिन पहले ही मुगली रपटे से एक बाइक सवार बहते हुए बचा था। जिसे आसपास के लोगों ने जाकर सुरक्षित रपटा पार कराया था। उसके बाद भी लोग समझने को तैयार नहीं हैं।

नगर से लगे दो दर्जन से अधिक गांवों में सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदारों ने नदी व नालों के ऊपर पुल बनाने की बजाए छोटी पुलियाएं या फिर रपटे बना दिए हैं। जो बारिश के समय आफत बन रही हैं। इस तरह नगर सहित अनेक गांवों में रपटे बने हुए हैं। जो रेलिंग विहीन बने हुए हैं। इसी तरह मंगलवार को पपनास नदी का बहाव होने पर मुगली रपटे पर पानी आ गया था। उसमें से एक बाइक चालक निकलने लगा। आधी दूर पर वह बाइक सहित बहने लगा तो किनारे पर खड़े लोगों ने उसे जाकर बचाया। जबकि वहां पर सुरक्षा के लिए कोई जवान तैनात नहीं थे। दो साल पहले पपनास नदी पर मुगली मार्ग के रपटे से एक बोलेरो बह गई थी। जिसमें मुगली के एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी। आपदा प्रबंधन की बैठक में भी नगर निकायों के अलावा पीडब्ल्यूडी को आपदा से निपटने के लिए सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी कोई अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है।

बरत रहे लापरवाही: स्टॉप डैमों से नहीं हटाई झाड़ियां

नदियों में बहाव के चलते टूटकर आए पेड़ बड़ी संख्या में स्टॉप डैम पर अटके हुए हैं। वहीं आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में भी निर्देशित किया गया था। उसके बाद भी डैमों पर वहीं स्थिति बनी हुई है। मुगली के सतीश सोनानिया व पूर्व सरपंच कैलाश प्रलाथिया ने बताया कि मुगली रपटे पर पानी आने से हर कभी रास्ता बंद हो जाता है। इसी तरह रेलिंग लगी होना चाहिए।

हर साल होते हैं हादसे

पिछले खजूरिया कासम नदी के रपटे से एक 10 वर्षीय बालक बह गया था। वहीं पार्वती नदी में डूबने से नगर के एक युवक मौत हो चुकी है। जबकि पिछले साल मुगली में बोलेरो वाहन बह गया। इसके दो दिन बाद ही जावर तहसील के कांकरियाखेड़ी में एक युवक पुलिया से बह गया था।

निर्देशित किया गया है

पुल-पुलियाओं पर बहाव होने पर जवानों को तैनात किया गया था। इसके लिए पहले ही निर्देश दिए गए हैं। रवि वर्मा, एसडीएम

0



Source link