जावर17 घंटे पहले
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इस बार अतिवृष्टि के चलते सोयाबीन की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। जिसके चलते राजस्व की टीम सर्वे कार्य कर रही है। जो खेतों में प्लॉट डालकर सोयाबीन फसल की नुकसानी का आंकलन किया जा रहा है। क्षेत्र में कुछ दिनों से कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश हो रही है। इससे खेतों में पानी भर गया है।
किसानों की थोड़ी बहुत फसल होने की उम्मीद थी वह भी अब बारिश होने से खत्म होती जा रही है। कुछ खेतों में फसल कटी हुई पड़ी है। वहीं कहीं पककर कटने के लिए तैयार हो गई है, लेकिन बारिश फसल के लिए मुसीबत बन गई है। इसे लेकर किसान इस समय काफी परेशान नजर आ रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन के द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन ने किसानों के खेतों पर पहुंचकर खराब फसल का सर्वे शुरु कर दिया था। जिन किसानों ने मशीनों में सोयाबीन निकाले हैं उनके अनुसार प्रति बीघा एक से आधा क्विंटल की ही पैदावार हुई है।
बारिश से बची फसल भी हो रही खराब
बमूलिया के किसान कृपाल सिंह ने बताया कि क्षेत्र में कुछ दिनों से कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश हो रही है। इससे खेतों में पानी भर गया है। इस कारण किसानों का थोड़ी बहुत फसल होने की उम्मीद थी वह भी खत्म होती जा रही है।
काफी कम हो रहा उत्पादन
इस संबंध में एसएडीओ बीएस मेवाड़ा का कहना है कि क्षेत्र में सोयाबीन की फसल विभिन्न प्रकार के रोग लगने से पूरी तरह खराब हो चुकी है। जिस प्रकार किसानों द्वारा फसल कटाई कर थ्रेसिंग के बाद जो उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है वह मात्र एक से आधा क्विंटल बीघा ही उत्पादन हो रहा है। साथ ही खेतों में प्लाट डालकर सोयाबीन फसल की नुकसानी का आंकलन भी किया जा रहा है।
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