जावरा19 मिनट पहले
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- मामला बहे परिवार का, पत्नी-बेटे की चिता को अग्नि देकर सूख गए पति के आंसू
ग्राम बानीखेड़ी के पास मलेनी नदी में बने डैम के ऊपर से बही महिला का शव 20 घंटे बाद शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे पानी के ऊपर दिखाई दिया। उसे निकालकर सिविल अस्पताल में पीएम करवाया और फिर गांव में अंतिम संस्कार हुआ। बता दें कि गुरुवार सुबह करीब 10 बजे पति-पत्नी व 3 साल का बच्चा बह गया था। इसमें पति बच गया लेकिन बेटे व पत्नी की मौत हो गई। शुक्रवार को पत्नी-बेटे की चिता को अग्नि देते वक्त बेबस पति की आंखों के आंसू सूख गए। वह गुमशुम-सा नजर आया और ग्रामीणों ने जैसे-तैसे ढांढस बंधवाकर पत्नी-बेटे का अंतिम संस्कार करवाया।
हुसैन टेकरी पुलिस चौकी प्रभारी दिनेश राठौर ने बताया गुरुवार सुबह 10 बजे ग्राम बानीखेड़ी निवासी दौलतराम चंद्रवंशी (28) पत्नी रेखा (26) व बेटे किशन उर्फ कृष्णा (3) तीनों बानीखेड़ी डैम के ऊपर होकर दूसरे छोर स्थित खेत में काम करने जा रहे थे। डैम पर डेढ़-दो फीट पानी होने से रेखा का पैर फिसला और फिर तीनों ही नदी में बह गए। दौलतराम तो बाहर निकल गया और उसने बेटे किशन को भी निकाल लिया था लेकिन कुछ ही देर में किशन ने दम तोड़ दिया। इसके बाद पत्नी रेखा को तलाशने के लिए देर शाम तक रेस्क्यू चला लेकिन सफलता नहीं मिली। अंधेरा होने से टीम लौट आई थी। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे ग्रामीणों को डैम से 500 फीट दूर पानी में पत्नी रेखा का शव नजर आया।
उन्होंने चौकी पर सूचना दी और फिर ग्रामीणों की मदद से शव बाहर निकाला। अस्पताल पहुंचाया, जहां पीएम के बाद शव पति दौलतराम के सुपुर्द किया। गांव में दोपहर में अंतिम संस्कार हुआ। पंचायत की तरफ से सचिव नारायण बोड़ाना, ग्राम समिति सदस्य गणेश धनगर ने पहुंचकर 5 हजार रुपए की अंत्येष्टि सहायता राशि दी। इधर, तहसीलदार नित्यानंद पांडेय ने बताया मृतक किशन व रेखा के परिवार को चार-चार लाख रुपए की सहायता दिलाने के लिए प्रकरण तैयार हो गए हैं। पीएम रिपोर्ट आने के बाद इसे एसडीएम कार्यालय भेज दिया जाएगा।
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