No change of land for 5 years from Harihareshwar temple | 5 साल से हरिहरेश्वर मंदिर की जमीन का नामांतरण नहीं

No change of land for 5 years from Harihareshwar temple | 5 साल से हरिहरेश्वर मंदिर की जमीन का नामांतरण नहीं


आलमपुरएक घंटा पहले

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  • शिकायत करने के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण

आलमपुर नगर के हरिहरेश्वर मंदिर से लगी 10 बीघा जमीन का नामांतरण पिछले पांच साल से नहीं हुआ है। जिसको लेकर मंदिर पुजारी और छतरी ट्रस्ट प्रबंधक राजस्व न्यायालय के चक्कर लगा रहे हैं। इसके अलावा नगर के कुछ दबंगों ने मंदिर की करीब तीन बीघा जमीन पर जबरन अवैध कब्जा कर रखा है।गौरतलब है कि होल्कर वंश की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने वर्ष 1766 में हरिहरेश्वर मंदिर का निर्माण कराया था। साथ ही मंदिर के रखरखाव के लिए 10 बीघा जमीन मंदिर पुजारी को दी थी।

लेकिन 20 साल पहले मंदिर के पुजारी रहे सरमन दास महाराज के शिष्य अमरदेव ने फर्जी तरीके से मंदिर की पूरी जमीन नगर के शिवदयाल गुप्ता को बेच दी थी। इस बात की जानकारी जब होल्कर वंश के लोगों को हुई तो उन्होंने पुजारी सरमन दास सहित अमरदेव को मंदिर से हटा दिया था। जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट ग्वालियर में जमीन वापस लेने के लिए केस किया, करीब पांच साल पहले कोर्ट ने मंदिर की जमीन को बेचना गलत बताते हुए जमीन मंदिर को वापस देने का फैसला सुना।

कोर्ट के निर्णय के बाद भी पिछले पांच साल से मंदिर की जमीन का नामांतरण नहीं हो सका है। होल्कर छतरी ट्रस्ट प्रबंधक डॉ. राधेश्याम दिबौलिया का कहना है कि अमरदेव द्वारा आपत्ति लगाए जाने से मामला राजस्व मंडल ग्वालियर के अधीन चला गया है। इस कारण से नामांतरण नहीं हो पा रहा है।

तीन बीघा जमीन पर कब्जाःहरिहरेश्वर मंदिर की 10 बीघा जमीन में से तीन बीघा जमीन पर नगर के कुछ दबंग लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। जिस पर उन्होंने पक्के निर्माण कर लिए हैं, साथ ही उनके द्वारा जमीन पर खेती की जा रही है। जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए पुजारी मनोज त्रिवेदी सहित नगर के अन्य लोगाें ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उसके बाद भी अधिकारियों के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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