Rs 15 lakhs for door to door waste collection Bought in loading, yet garbage in place | डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए 15 लाख रु. में खरीदे लोडिंग, फिर भी जगह-जगह कचरा

Rs 15 lakhs for door to door waste collection Bought in loading, yet garbage in place | डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए 15 लाख रु. में खरीदे लोडिंग, फिर भी जगह-जगह कचरा


मौ2 घंटे पहले

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  • मौ नगर के सभी 15 वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए नियमित गाड़ी नहीं आ रही है

नगर परिषद मौ द्वारा वर्ष 2018 में नगर के सभी 15वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन योजना शुरू की गई थी। इसके लिए परिषद द्वारा 15 लाख से अधिक रुपए की लागत से 5 छोटे लोडिंग वाहन(मैजिक वाहन) खरीदे थे। लेकिन इसके बाद भी वार्डों से नियमित घरों से कचरा एकत्रित नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि कालोनी के लोगों को मजबूरी में सड़क और खाली प्लाटों में कचरा फेंकना पड़ रहा है। इससे फैल रही गंदगी और बदबू से स्थानीय लोग परेशान हो रहे हैं।

वहीं समाजसेवियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था पर लाखों खर्च कर मंगाई गाड़ियों के बाद भी नगर गंदा ही दिखाई दे रहा है। नगर के आधा दर्जन से ज्यादा स्थानों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इस पर नप के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।गौरतलब है कि मौ नगर के सभी 15 वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए नियमित गाड़ी नहीं आ रही है। वहीं कभी कभार कचरा लेने के लिए गाड़ी आती है तो वह गलियों में न जाकर मोहल्लों की मेन रोड पर चक्कर लगाकर निकल जाती है। इस स्थिति में कालोनी के लोग उसमें घरों से निकलने वाले कचरे को नहीं डाल पाते हैं। ऐसे में उनको मोहल्लों की सड़कों और खाली प्लाटों में गंदगी को फेंकना पड़ता है।

वहीं कूड़ा नहीं उठने से नाराज लोग उसमें आग लगा देते हैं। धुएं के गुबार से वातावरण प्रदूषित होता है। इस कूड़े की वजह से बीमारियों का अंदेशा भी बना रहता है। इस संबंध में सीएमओ रमेश यादव का कहना है किनगर के वार्डों में डोर टू डोर वाहन नहीं पहुंच रहे हैं तो इस बारे में सफाई दरोगाओं को तलब किया जाएगा। साथ ही जिन कॉलोनियों में नाले और नालियों चोक हैं, वहां सफाई कराई जाएगी।

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