आशापुर20 घंटे पहले
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- बारिश में कटाव से मिट्टी के साथ बह गई खड़ी फसल, शासन की योजना में ऐसे किसानों का नाम तक नहीं
प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को 2019 में खरीफ फसल की बीमा योजना की सूची जारी की। इसमें आदिवासी ब्लाक खालवा के प्रभावित अनेक किसानों के नाम नहीं है। भारतीय किसान संघ तहसील इकाई के अध्यक्ष सुरजीत सिंह मिन्हास ने कहा फसल बीमा के नाम पर किसानों से धोखा किया गया है। सूची में खालवा तहसील क्षेत्र के मात्र 8 या 9 हलकों के किसानों को ही शामिल किया गया है। जिसमें कुछ किसानों को जो बीमा क्लेम राशि देना दर्शाया गया है, वह राशि उनको पहले एक किश्त की राहत राशि से भी कम है। 2019 में जुलाई एवं अगस्त में हुई अतिवर्षा के कारण खालवा तहसील क्षेत्र के गांवाें में भारी तबाही हुई थी।
जिसके कारण तहसील क्षेत्र के कई क्षेत्रों की खरीफ फसलों के के साथ-साथ खेतों की मिट्टी तक बह गई थी। इसके प्रमाण के रूप में वीडियो एवं फोटो किसानों के पास उपलब्ध है। तहसील क्षेत्र का कोई भी पटवारी हल्का ऐसा नहीं था जहां खरीफ फसलों को भारी नुकसान ना पहुंचा हो। किसान संघ की मांग है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को दंडित कर वंचितों को लाभ दिलाया जाए। यदि शीघ्र ही किसानों को न्याय नहीं मिला है तो संघ के पदाधिकारी 21 सितंबर को बैठक कर आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे।
किसानों ने कृषि उप-संचालक को दिया ज्ञापन
सिंगोट | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 2018, 2019 में सिंगोट के लगभग 1200 किसानों को वंचित रखा गया। जिससे सिंगोट के किसानों ने नाराजगी जताई और पटवारी का घेराव किया। इसके बाद नाराज किसानों ने एसडीएम एवं कृषि उप-संचालक से खंडवा पहुंचकर चर्चा कर ज्ञापन दिया। अधिकारियों को दिए ज्ञापन में किसानों ने कहा सिंगोट के पटवारी और कृषि अधिकारी द्वारा अनावरी उसी क्षेत्र में ली गई, जहां फसलें अच्छी थीं। अधिकारियों ने उन क्षेत्रों की अनावरी की ही नहीं, जहां किसानों की फसल खराब हो गई थी।
यदि किसानों को बीमा की राशि नहीं मिली तो उग्र आंदोलन व प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं किसानों के घेराव करने पर हल्का पटवारी दिलीप सैनी ने कहा ये बीमा राशि अनावरी करने के बाद मिलती है। जिस समय अनावरी भेजी गई थी उस समय यहां पर मेरी पोस्टिंग नहीं थी। आप सभी वरिष्ठ अधिकारियों से अपनी समस्या पर चर्चा करें। ज्ञापन देने वालों में किसान मुकेश पटेल, महेंद्र तिरोले, लक्ष्मीनारायण मोपारी, युवराज पटेल, प्रवीण आर्य, जितेंद्र तिरोले, गोपाल पटेल, जागेश्वर,चेतन, दुर्गेश, अंकित साथ अन्य किसान उपस्थित थे।
बीमा कंपनी का फूंका पुतला, ज्ञापन भी साैंपा
बोरगांव बुजुर्ग | फसल बीमा कंपनी द्वारा 2019 की फसल बीमा राशि नहीं मिलने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को पंचायत भवन के सामने बीमा कंपनी का पुतला फूंका। किसान संघ की मांग है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को दंडित कर वंचितों को लाभ दिलाया जाए। यदि किसानों को बीमा की राशि नहीं मिली तो उग्र आंदोलन व प्रदर्शन किया जाएगा।
भारतीय किसान संघ द्वारा बीमा राशि की सूची में गांव के किसी भी किसान का नाम नहीं होने पर पुतला दहन के बाद एसडीएम के नाम ज्ञापन भी साैंपा गया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा किसानों को बीमा कंपनी से शीघ्र बीमा राशि दिलाई जाए। इसके साथ ही प्याज के निर्यात को भी खोला जाए। किसानों का कहना है यदि समय रहते सरकार ने शीघ्र ही किसानों को न्याय नहीं मिला है तो संघ के पदाधिकारी 21 सितंबर को बैठक कर आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे। पुतला दहन में भारतीय जिला किसान संघ के जिला सदस्य उमेश पटेल, ग्राम अध्यक्ष महेंद्र पटेल मुकेश मोरे, भरत पटेल के साथ अन्य पदाधिकारी एवं किसान शामिल थे।
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