The young man who went to bathe at Rangai Ghat could not know the depth, head hit with stone, death | रंगई घाट पर नहाने गया युवक गहराई नहीं जान सका, पत्थर से टकराया सिर, मौत

The young man who went to bathe at Rangai Ghat could not know the depth, head hit with stone, death | रंगई घाट पर नहाने गया युवक गहराई नहीं जान सका, पत्थर से टकराया सिर, मौत


विदिशा22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
  • 4 दिन के अंदर बेतवा में डूबने से दूसरे युवक की मौत, एक साल में 35 लोग मरे, इनमें अकेले विदिशा से ही 4 लोग शामिल

पिछले 4 दिन के अंदर विदिशा में बेतवा में डूबने से 2 युवकों की मौत हो चुकी है। एक साल में बेतवा में डूबने से 35 लोग मरे चुके हैं। इसमें से अकेले विदिशा में ही डूबने से 4 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। होमगार्ड विदिशा के कंपनी कमांडर शशिधर पिल्लई ने बताया कि शुक्रवार को सुबह करीब 6.30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि कोई युवक काली मंदिर के सामने बेतवा के रंगई घाट पर डूब गया है। इस पर पीसीवी महेंद्र जाट के नेतृत्व में होमगार्ड क्यूआरटी घटना स्थल के लिए रवाना हुई। करीब 20 मिनट तक नदी में सर्चिंग की गई।

इस बीच होमगार्ड जवानों ने अपना कांटा नदी में फेंका। इससे युवक का शव बाहर निकल आया। पानी में डूबने युवक की पहचान बक्सरिया निवासी 19 वर्षीय विवेक साहू वल्द हल्केराम साहू के रूप में हुई है। वह सुबह बेतवा में नहाने गया था। सिर के बल बेतवा में छलांग लगाने से उसका सिर पत्थर से टकरा गया और वह पानी में डूब गया। कोतवाली थाने के जांच अधिकारी एसआई प्रेम मालवीय ने बताया कि पीएम के बाद शव उसके भाई अरविंद साहू के सुपुर्द कर दिया गया है।

नहीं मानी बात… दोस्तों ने विवेक से कहा था, गहरा पानी है यहां मत नहाओ

विवेक सुबह करीब 5.15 बजे अपने घर से बेतवा के रंगई घाट तरफ नहाने के लिए गया था। शुक्रवार से अधिकमास चालू हुआ है। इस कारण काली मंदिर के सामने रंगई बंधा वाले घाट पर बड़ी संख्या में महिलाएं स्नान करने पहुंची थीं। इस कारण विवेक के दोस्तों ने मना किया कि अभी महिलाएं यहां नहा रही हैं, इसलिए यहां मत नहाओ। इस पर विवेक वहां से कुछ दूर जाकर बेतवा में नहाने चला गया। इस पर दोस्तों ने कहा वहां पानी काफी गहरा है। यहां 25 से 30 फीट तक गहराई है। इसके बाद भी उसने पानी में छलांग लगा दी। इससे किसी पत्थर से टकराकर उसके सिर में चोट लग गई और वह गहरे पानी में डूब गया।

बेतवा के डेंजर जोन.. रंगई, चरणतीर्थ के घाट

अगस्त 2019 से लेकर सितंबर 2020 तक विदिशा, गंजबासौदा और कुरवाई आदि विभिन्न इलाकों में बेतवा में डूबने से 35 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसमें विदिशा के 4 लोग भी डूबने वालों में शामिल हैं। विदिशा में बेतवा के रंगई, चरणतीर्थ, गणेश मंदिर सहित बैस नदी में भी डूबने से एक-एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

जिनके अपने अब नहीं साथ… 3 बहनों का अकेला भाई और माता-पिता का अकेला सहारा था प्रशांत

15 सितंबर को बेतवा के चरणतीर्थ घाट में मेरा भाई प्रशांत कुशवाह नहाने गया था। वह घर से बिना बताए ही गया था। डूबने से उसकी मौत हो गई थी। इससे पूरा परिवार गमजदा है। वह हम तीन बहनों में वह अकेला भाई था। माता-पिता का भी सहारा था। बहन, पूजा, प्रीति के अलावा पिता कैलाश साहू तथा माता श्यामबाई का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। किसी परिवार में ऐसी घटना नहीं घटे। जिला प्रशासन को भी एहतियात के तौर पर बेतवा के घाटो पर सुरक्षा और सावधानी के इंतजाम करने चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। प्रियंका कुशवाह, बहन बंटीनगर विदिशा

भास्कर विचार… क्यों जाते हैं नदी में नहाने, जबकि कोई घर पर हमारा इंतजार कर रहा है…. बेतवा नदी में गहराई कहीं कम तो कहीं ज्यादा होती है। उसके बावजूद भी लोग इसमें नहाने उतर जाते हैं। फिर अपनी जान गंवा देते हैं। एक साल में 35 लोगों की जान सिर्फ डूबने से ही हो गई है। ये दूसरों के लिए आंकड़े ही होंगे। लेकिन जिन परिवारों ने अपना कोई खोया होगा। उसका दर्द कोई नहीं महसूस कर सकता। इसलिए सभी से विनम्र आग्रह है कि नदी में नहाने न जाएं…।

एक्सपर्ट: सभी घाटों पर लगाए जाएं खतरे के निशान के साइन बोर्ड, तािक लोग सतर्क रहें

बेतवा के सभी घाटों में काफी गहरा पानी है। इस कारण नगरपालिका को रंगई घाट से लेकर रामघाट, बड़वाले घाट, चरणतीर्थ आदि प्रमुख घाटों पर खतरे के निशान के साइन बोर्ड लगाए जाएं। इसमें लिखा जाए कि बिना तैरने वाले और बच्चे बेतवा में अकेले नहाने नहीं जाएं। ऐसा कहना है समासेवी एवं बेतवा उत्थान समिति के उपाध्यक्ष अतुल शाह का। इसके अलावा 3 से 4 फीट पानी में लोहे की चेन लगाई जाए ताकि यहां चेन पकड़कर लोग स्नान कर सकें। होमगार्ड के जवान अभी केवल बड़वाले घाट पर ही गश्ती करते हैं। होमगार्ड जवानों को एहतियात के तौर पर रंगई घाट से लेकर चरणतीर्थ घाट तक बेतवा किनारे गश्त करनी चाहिए ताकि लोगों को खतरे से बचाया जा सके। 2 साल पहले रामघाट में जैन समाज के 2 युवकों के डूबने के बाद नगरपालिका ने सभी घाटों पर चेन लगाने और खतरे के निशान के बोर्ड लगाने की बात कही थी लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है।

चेन लगाने के लिए नहीं मिल रहा कोई ठेकेदार, साइन बोर्ड जल्द लगाएंग

​​​​​​​बेतवा के प्रमुख स्नान वाले घाटों पर लोहे की चेन लगाने के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिल रहा है। विदिशा के अलावा भोपाल से ही ठेकेदारों से इस काम के लिए संपर्क किया गया है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। यदि कोई ऐसा ठेकेदार हो तो वह नगरपालिका से संपर्क कर सकता है। खतरे के निशान से संबंधित साइन बोर्ड नगरपालिका द्वारा एक-दो दिन के अंदर बेतवा के घाटों पर लगवा दिए जाएंगे। सुधीर सिंह, सीएमओ नगरपालिका विदिशा।

0



Source link