Dr. Pawan took five-seven thousand rupees of the expenses and gave it to Mehraj on the second day of delivery. | डॉ. पवन ने खर्च के पांच-सात हजार रुपए लेकर डिलीवरी के दूसरे दिन मेहराज को दे दी थी बच्ची

Dr. Pawan took five-seven thousand rupees of the expenses and gave it to Mehraj on the second day of delivery. | डॉ. पवन ने खर्च के पांच-सात हजार रुपए लेकर डिलीवरी के दूसरे दिन मेहराज को दे दी थी बच्ची


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इंदौर9 घंटे पहले

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डॉ. पवन राय।

  • पड़ोसी के रिश्तेदार की अविवाहित युवती की कराई थी डिलीवरी, उसी बच्ची का सौदा किया
  • प्रेम संबंधों के कारण गर्भवती हुई थी विवाहिता, इंदौर में कोई नहीं जानता था इसलिए डिलीवरी कराई

मानव तस्करी मामले में सरेंडर करने वाले डॉक्टर पवन राय ने कबूला कि उसने दूसरे ही दिन बच्ची को अमित हाड़ा के मार्फत मालवा मिल की मेहराज बी को सौंप दिया था। इसके बदले पवन ने पांच-सात हजार रुपए खर्च के नाम पर लिए थे। बच्ची को जन्म देने वाली अविवाहित युवती पवन की पहचान वाले की रिश्तेदार थी, इसलिए उसने करुणा मेटरनिटी एवं नर्सिंग होम में झूठ बोलकर डिलीवरी कराई थी। उधर, पुलिस ने मेडिकल संचालक देवेंद्र, डॉक्टर रमाकांत और ओटी तकनीशियन आलोक भदौरिया का आमना-सामना कराया, लेकिन तीनों से ज्यादा कुछ कबूलवा नहीं पाई। आज उनसे सख्ती की जाएगी। महिला थाना प्रभारी ज्योति शर्मा के अनुसार, शनिवार को डॉक्टर (डेंटिस्ट) पवन राय ने बताया कि उसके पास रहने वाले एक परिवार को पता था कि वह डिलीवरी करता है। उनकी एक रिश्तेदार शिवपुरी में रहती है। वह अविवाहित है और प्रेम संबंधों के कारण गर्भवती हो गई थी। परिवार ने उससे गुहार लगाई कि वह इंदौर में युवती की डिलीवरी करा दे, क्योंकि यहां उसे कोई नहीं पहचानता।

परिचित परिवार के मार्फत उसने युवती को इंदौर बुलाया। यहां डिलीवरी के दौरान तय हुआ कि वे जन्मे नवजात को नहीं रखेंगे। फिर करुणा अस्पताल के डॉक्टर हेमंत कंसल को पवन ने झूठ कहा कि वह युवती को जानता है। फिर उसने युवती के पति का झूठा नाम बताया। उसकी डिलीवरी करवाकर अगले दिन छुट्टी कर दी।

इस दौरान पवन ने वहीं काम करने वाले रिसेप्शनिस्ट अमित हाड़ा से पहले ही बच्ची को मेहराज बी के हवाले करने की बात कर चुका था। जन्म के अगले दिन पवन और अमित ने जाकर मेहराज को बच्ची सौंप दी। पवन ने बच्ची की डिलीवरी के नाम पर पांच-सात हजार रुपए खर्चे के लिए थे। जब उसे पता चला कि बबलू उस बच्ची को बेचने के आरोप में पकड़ा गया है तो पवन घर से भाग गया था।

जानने के बाद भी डॉ. रमाकांत कुछ भी बताना नहीं चाहता
महिला थाना प्रभारी के अनुसार शनिवार को मेडिकल संचालक देवेंद्र और डॉक्टर रमाकांत का रिमांड लिया गया। फिर उनका ओटी तकनीशियन आलोक भदौरिया से आमना-सामना करवाया। देवेंद्र का कहना है कि आलोक ने उसे बच्चा दिया था। आलोक का कहना है कि उसकी दुश्मनी के कारण देवेंद्र झूठा नाम लगा रहा है, जबकि रमाकांत मुंह नहीं खोल रहा है। वह जानता सबकुछ है, लेकिन बताना नहीं चाहता।

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