Survey started, harvesting is done by cutting the plot of 5 by 5 | सर्वे शुरू, 5 बाय 5 का प्लाट काट कर निकाल रहे हैं फसल

Survey started, harvesting is done by cutting the plot of 5 by 5 | सर्वे शुरू, 5 बाय 5 का प्लाट काट कर निकाल रहे हैं फसल


रतलाम19 घंटे पहले

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  • नुकसानी का आकलन करने के लिए अपनाई प्लॉट पद्धति

सोयाबीन की फसल को नुकसान हुआ है। कृषि विभाग, राजस्व विभाग और बीमा कंपनी के संयुक्त दल ने इसके लिए गांव में सर्वे शुरू कर दिया है। दल खेत में 5 बाय 5 का प्लाट बनाकर फसल निकाल रहे हैं। एक हल्के में चार प्रयोग किए जा रहे हैं ताकि किसानों का कितना नुकसान हुआ इसका पता चल सके। इस आधार पर बीमा कंपनी किसानों को मुआवजा देगी। शिवपुर के पटवारी सत्यविजय उपाध्याय, क्रषि विभाग के हरिश मईडा, बीमा कंपनी के व किसानों के नुकसानी का आकलन कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि पीला मोजेक व अफलन के कारण लगभग पूरी फसल खराब हो गई है। पीला मोज़ेक व अफलन के कारण उत्पादन पर असर पड़ा है। एक बीघा में 3 से 4 क्विंटल उपज होती है लेकिन इस बार 50 किलो से 1 क्विंटल ही उत्पादन आ रहा है। सरपंच प्रतिनिधि गोवर्धन मुनिया ने बताया खेतो के प्लाट बनाकर सर्वे किया जा रहा है। शिवपुर व रामपुरिया लुनेरा में सर्वे किया जा रहा है। उप संचालक कृषि जीएस मोहनिया ने बताया जिले के विभिन्न गांव में सर्वे चल रहा है फसल कटाई प्रयोग के आधार पर हम सर्वे कर रहे हैं।

बांगरोद : अधिकारियों की मौजूदगी में सोयाबीन की क्रॉप कटिंग की

बांगरोद | गांव में शनिवार को सोयाबीज की फसल की क्रॉप कटिंग की गई। क्रॉप कटिंग पटवारी सत्यनारायण सिसोदिया, कृषि विस्तार अधिकारी कालूसिंह देवड़ा व बीमा कम्पनी के अधिकारियों द्वारा की गई। मंडल अध्यक्ष भानुप्रतासिंह शक्तावत, महामंत्री दिनेश समोत्रा, सरपंच प्रतिनिधि समरथ पाटीदार , योगी युवा उपाध्यक्ष संजय पाटीदार, प्रकाश पाटीदार सहित किसान मौजूद थे।

रबी सीजन में किसानों के लिए तत्काल उपलब्ध कराए जाएंगे ट्रांसफार्मर

रतलाम | बिजली कंपनी किसानों की हरसंभव मदद कर रही है। रबी सीजन की भी बिजली कंपनी ने प्रभावी तैयारी कर मालवा-निमाड़ के सभी 15 जिलों की सिंचाई व्यवस्था के लिए 16 हजार ट्रांसफार्मरों का अग्रिम स्टॉक किया है। पात्रतानुसार तुरंत ही ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि सिंचाई कार्य प्रभावित न हो। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने बताया कि सभी जिलों में ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। ट्रांसफार्मर में खराबी आने की सूचना के बाद जल्द ही इन्हें बदला जाएगा। कंपनी क्षेत्र में 12 लाख से ज्यादा किसानों को रबी की सीजन में सिंचाई के लिए गुणवत्तापूर्ण बिजली वितरित की जाएगी। इस बार तीन हजार मेगावॉट के पार लोड पहुंचने की संभावना है। ट्रांसफार्मर को किसी कारणवश खराबी आने पर कम से कम समय में पात्रतानुसार बदला जाएगा। इसके लिए कंपनी स्तर पर कुल 16 हजार ट्रांसफार्मरों का स्टाॅक है। इसी तरह रबी की सीजन के लिए बने अस्थायी डिपो देवास, आगर, शाजापुर, मनासा, बुरहानपुर, खंडवा, बड़वानी, झाबुआ, आलीराजपुर में 300 से 600 ट्रांसफार्मरों का स्टाक हर वक्त उपलब्ध रहेगा। दो घंटे में पहुंच जाएगा : हर जिले में ट्रांसफार्मरों का पर्याप्त स्टॉक होने से मांग पर ट्रांसफार्मर दो घंटे में मौके पर पहुंचाया जा सकेगा। इससे सिंचाई कार्य प्रभावित नहीं होगा। कंपनी स्तर पर किसानों की मदद के लिए मुख्य अभियंता एसएल करवाड़िया, अधीक्षण अभियंता एनसी गुप्ता मानिटरिंग कर रहे हैं।

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