खंडवा17 घंटे पहले
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- धवाड़िया पानी नदी के झरने के पास सुरक्षा के इंतजाम नहीं, दो महीने में यहां डूबने से दूसरी मौत
धुलकोट से लगे जंगल की धवाड़िया पानी नदी के झरने में डूबे खंडवा के युवक का शव 20 घंटे बाद 40 फीट गहरे पानी से निकाला। रविवार सुबह 6 बजे से होमगार्ड के एसआई शिवप्रसाद उईके अपनी छह सदस्यीय टीम और चार स्थानीय गोताखोरों के साथ यहां युवक की तलाश में जुटे रहे। गोताखोर सुखलाल, इथलसिंग और रायसिंग बालू ने गहरे पानी से दोपहर 12 बजे युवक का शव निकाला। शनिवार दोपहर खंडवा के लालचौकी निवासी विनोद पिता रामचंद्र मासरे चार दोस्तों के साथ नहाने के लिए झरने पर आया था। नहाते समय विनोद गहरे पानी में चला गया। उसके दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन वह गहरे पानी में डूब गया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। रात करीब 8 बजे तक विनोद की तलाश की गई लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। अंधेरा होने के कारण रविवार सुबह से फिर उसकी तलाश की गई। दोपहर को उसका शव मिला। सोशल मीडिया के कारण प्रसिद्ध हुआ झरना, पहुंचने लगे ज्यादा पर्यटक : ग्राम बसाली और इसराम फालिया के बीच स्थित यह झरना इस साल बारिश के बाद बसाली के झरने के नाम से सोशल मीडिया पर खूब छाया रहा। लोगों ने इसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर डाले। इसके बाद यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ गई। रविवार और अन्य छुट्टी के दिनों में यहां बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन और महाराष्ट्र से भी लोग परिवार सहित पिकनिक मनाने आ रहे हैं।
ग्रामीण बोले- सुरक्षा नहीं बढ़ाई तो और होंगे हादसे
झरने से ग्राम बसाली और इसराम फालिया की दूरी तीन किमी है। ऐसे में कोई हादसा होने पर तुरंत मदद नहीं मिल पाती। ग्रामीणाें ने बताया झरना मुख्य सड़क से 200 फीट नीचे है। यहां जाने के लिए चट्टानों भरा तीन फीट चौड़ा रास्ता ही है। झरने के नीचे पानी की गहराई करीब 40 फीट है लेकिन यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। दो महीने पहले यहां बोरी निवासी युवक की डूबने से मौत हुई थी। उसके भाई को ग्रामीणों ने बचा लिया था। जब तक यहां सुरक्षा नहीं बढ़ाई जाती, हादसे होते रहेंगे।झरने से ग्राम बसाली और इसराम फालिया की दूरी तीन किमी है। ऐसे में कोई हादसा होने पर तुरंत मदद नहीं मिल पाती। ग्रामीणाें ने बताया झरना मुख्य सड़क से 200 फीट नीचे है। यहां जाने के लिए चट्टानों भरा तीन फीट चौड़ा रास्ता ही है। झरने के नीचे पानी की गहराई करीब 40 फीट है लेकिन यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। दो महीने पहले यहां बोरी निवासी युवक की डूबने से मौत हुई थी। उसके भाई को ग्रामीणों ने बचा लिया था। जब तक यहां सुरक्षा नहीं बढ़ाई जाती, हादसे होते रहेंगे।
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