खंडवा17 घंटे पहले
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- अमरावती के सांसद की मांग पर रेल मंत्री ने दिया आश्वासन
खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज रेल लाइन अपने पुराने ट्रैक मेलघाट से ही होकर जाएगी। दिल्ली में अमरावती की सांसद नवनीत रवि राणा ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिलकर पुराने ट्रैक को ही ब्रॉडगेज में कन्वर्ट करने की मांग की। सांसद ने क्षेत्रवासियों की भावनाओं के साथ किसी भी प्रकार के खिलवाड़ पर आंदोलन की भी चेतावनी दी। सांसद की मांग पर रेल मंत्री गोयल ने पुराने ट्रैक को ही ब्रॉडगेज बनाने की घोषणा की। उन्होंने सांसद को आश्वस्त किया कि रेलवे ट्रैक को डायवर्ट नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही रेल मंत्री ने कहा ब्रॉडगेज का काम जल्द शुरू होने के साथ समय पर पूरा हो इसके लिए बजट भी दिया जाएगा। गौरतलब है महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वन्य जीवों के हितों का हवाला देकर मेलघाट की बजाय रेलवे ट्रैक को हिवरखेड के रास्ते डायवर्ट करने का पत्र रेल मंत्री को लिखा थ। जिसका सांसद राणा ने विरोध करते हुए रेल मंत्री को मेलघाट पुराने ट्रैक से जुड़े प्रकरणों को याद दिलाते हुए ब्रॉडगेज कराने की मांग की। अकोला-अकोट का गेज कन्वर्जन के साथ ट्रायल पूरा : गेज कन्वर्जन के तहत अकोट से अकोला 45 किमी रेलवे ट्रैक निर्माण का काम पूरा हो चुका है। इसके साथ ही रेलवे ने इस ट्रैक पर ट्रायल का भी काम पूरा कर लिया है लेकिन अमुलाखुर्द से अकोट के बीच 77 किमी कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसी 77 किमी के बीच में मेलघाट रिज़र्व क्षेत्र आता है। हालांकि खंडवा से अमूलाखुर्द तक 54 किमी ट्रैक पर रेल लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है।
पर्यावरण मंत्रालय ने 2019 में दी थी ब्रॉडगेज को मंजूरी
रेलमंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय ने मेलघाट क्षेत्र से ब्रॉडगेज रेल लाइन के लिए फरवरी2019 में मंजूरी दी थी। फिर राज्य सरकार की अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के लिए महाराष्ट्र सरकार को भेजा । इसपर सीएम ठाकरे ने विकास के नाम पर पर्यावरण और वन्य जीवों की हानि का हवाला देकर मेलघाट को छोड़कर डायवर्ट रूट से रेल लाइन निकालने का पत्र रेल मंत्री को भेजा। जिसके बाद से प्रोजेक्ट खटाई में पड़ गया।
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