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खंडवा18 घंटे पहले
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- एक भी घोषणा पर अमल नहीं कर पाए सांसद और पूर्व विधायक
- चार हजार की आबादी और ढाई हजार से अधिक मतदाताओं है गांव में
पुनासा जनपद की ग्राम पंचायत बीड़ को ब्लाक की सबसे बड़ी पंचायत का तमगा हासिल है। 4 हजार की आबादी और ढाई हजार मतदाताओं के वाले इस गांव के स्कूलों में न तो शिक्षक, न खेल मैदान और न ही मांगलिक भवन है। बीड़ सहित आसपास गांवों के बालकों के लिए हायर सेकंडरी स्कूल तक नहीं है। गत लोकसभा चुनाव में सांसद ने गांव में दो मंजिला मांगलिक भवन, बच्चों के लिए खेल मैदान बनाने की घोषणा की थी। स्कूलों में शिक्षक पदस्थ करने का वादा भी किया था। इन बड़ी घोषणाओं के अलावा कई छोटे-मोटे काम कराने की बात भी कही थी, लेकिन आज तक एक भी घोषणा पूरी नहीं हुई। मांधाता विधानसभा का यह प्रमुख गांव अब तक विकास में पिछड़ा ही रहा है। इस गांव से अधिकांश चुनाव में कांग्रेस को ही ज्यादा मत मिले हैं। 2018 के चुनाव से कुछ दिन पहले गांव में एक मंदिर का शुभारंभ करने आए थे। ग्रामीणों ने उनके समक्ष मांगलिक भवन की मांग रखी थी। सांसद ने दो मंजिला भवन बनाने का वादा किया था। इसी कार्यक्रम में पंचायत को कचरा गाड़ी देने की घोषणा भी की, जो अब तक अधूरी है। सबसे बड़ी समस्या बालक हायर सेकंडरी की है। स्कूल नहीं होने से बीड़ सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों छात्राओं काे मूंदी या अन्य जगह जाना पड़ रहा है। इसे लेकर भी कई साल से आश्वासन मिल रहे हैं।
क्रिकेट प्रतियोगिता में की थी खेल मैदान की घोषणा
चुनाव के समय गांव में युवाओं ने क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया था। सांसद चौहान ने प्रचार के दौरान इस प्रतियोगिता का शुभारंभ किया था। वोट लेने के लिए बड़ा खेल मैदान बनाने की घोषणा कर डाली। गांव के भाजपा पदाधिकारियों व नेताओं ने भी ताली बजाकर उनकी घोषणा का समर्थन किया। इन नेताओं ने चुनाव जीतने के बाद सांसद को अपना वादा पूरा करने की याद नहीं दिलाई या हिम्मत ही नहीं कर पाए। नतीजा सिफर है। अब यही नेता उपचुनाव में फिर वोट मांगने निकलेंगे, लेकिन उन्हें ग्रामीणों का कोपभाजन बनना पड़ सकता है।
इन सुविधाओं का भी अभाव, परेशान हो रहे रहवासी
गांव से बाहर गोसांई समाज की बस्ती में हर चुनाव में सीसी रोड बनाने का वादा किया जाता है। लेकिन इस बस्ती के लोगों को कीचड़ में जीवन-यापन करना पड़ रहा है।
परिजन की अंत्येष्टि के लिए जलाऊ लकड़ी नहीं मिलती। परिजन को मूंदी या पुनासा तक भटकना पड़ता है। अंतिम संस्कार में मुक्तिधाम आने वाले जनप्रतिनिधि हर बार बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन बाहर निकलते ही भूल जाते हैं।
गांव में पूर्व विधायक स्व. लोकेंद्रसिंह तोमर ने 10 बिस्तर का अस्पताल तो बवना दिया लेकिन इलाज की अन्य सुविधाएं स्वास्थ्य प्रशासन उपलब्ध नहीं करा पाया है।
^सांसद ने गांव में विकास कार्यों की घोषणा की थी। अपनी यह लापरवाही हमें स्वीकार है। जल्द ही सांसद चौहान से इस संबंध में चर्चा कर घोषणाओं पर अमल कराया जाएगा। -सुरेंद्र टुटेजा, जिला उपाध्यक्ष, भाजपा
^ सांसद चौहान भी सीएम की तरह घोषणावीर बने हुए हैं। झूठी घोषणाएं करते हैं। इसका परिणाम उपचुनाव में देखने को मिलेगा। गांव के मतदाता ही उन्हें सबक सिखाएंगे। -अनिल गुप्ता, कांग्रेस अध्यक्ष, बीड़
फसल बीमा योजना
विसंगतियों से सीएम को अवगत कराया, ज्ञापन भी सौंपा
मूंदी | मांधाता के उप चुनाव प्रभारी जसवंत सिंह हाडा और पूर्व विधायक भाजपा प्रत्याशी नारायण पटेल ने शनिवार भोपाल पहुंचकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने किसानों के हित में ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में बताया कि तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने वर्ष 2019 में किसानों की फसल नुकसानी का सर्वे कराया था। सर्वे में बरती गई लापरवाही के कारण किसानों को फसल बीमा क्लेम नहीं मिल पाया। जगह-जगह विसंगतियां की गई। वर्तमान में भी किसानों की जो फसल खराब हुई उसका आंकलन करवाया जाए, ताकि किसानों को उचित राहत मिल सके। इसके अलावा अन्य मांगों का भी ज्ञापन सौंपा गया। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जल्द निराकरण का आश्वासन दिया गया।
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